MP News: शिवराज की गारंटी को क्या पूरा करेगी मोहन सरकार, अतिथि विद्वानों को नहीं मिली 25% अंकों की राहत
सूबे के सरकारी कॉलेज में रिक्त पदों के विरुद्ध सालों से सेवा देने वाले अतिथि विद्वानों की समस्या का समाधान होता नहीं दिखाई दे रहा है। दरअसल, 2 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव से पहले मुख्यमंत्री निवास पर अतिथि विद्वानों की महापंचायत बुलाई थी जिस पर वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी उच्च शिक्षा मंत्री की हैसियत से उपस्थित थे।
इस बैठक में 50000 फिक्स वेतन 65 साल उम्र तक अतिथि विद्वानों की सेवा जारी रखने और पीएसी में 50 फ्ट अंक छूट शामिल था, लेकिन जब विवाह की आदेश जारी किया गया तो शिवराज सिंह चौहान और डॉक्टर मोहन यादव की घोषणा पर अमल नहीं हुआ। डॉ मोहन यादव स्वयं मुख्यमंत्री हैं इसके बाद भी अतिथि विद्वानों को कोई राहत नहीं दी गई है।

अतिथि विद्वानों को 1500 से 500 की बढ़ोतरी करके 2000 प्रति कार्य दिवस किया गया है। स्थाई व्यवस्था का कोई जिक्र नहीं है पीएससी में छठ का कोई जिक्र नहीं है अतिथि विद्वान इसी आदेश को लेकर अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
अतिथि विद्वानों से समस्या का हो सकता है निराकरण
नई शिक्षा नीति के तहत वर्ग ज्यादा होने के कारण विभाग अगर जाए तो रिक्त पदों के विरुद्ध सेवा देने वाले जो पीएचडी डिग्री धारी अतिथि विद्वान है उनका पीएचडी गाइड रिसर्च वर्क प्रोजेक्ट कार्य में शामिल करके समाधान निकाला जा सकता है क्योंकि बहु याद की संख्या में सहायक प्राध्यापक पीएचडी है ही नहीं जिसके कारण रिसर्च में सहभागिता नहीं कर सकते है, लेकिन अतिथि विद्वानों के पास अच्छा खासा अनुभव है और पीएचडी डिग्रीधारी भी है।
डॉ आशीष पांडे मीडिया प्रभारी अतिथि विद्वान महासंघ ने कहा कि अतिथि विद्वानों के साथ लगातार दोयम दर्जे का बर्ताव किया जा रहा है प्रवेश परीक्षा प्रबंधन अध्ययन मूल्यांकन, नेक, रूसा आदि समस्त कार्य अतिथि विद्वान ही करते हैं पर सरकार आज तक अपना अंग नहीं मानती 50,000 फिक्स वेतन, 65 साल तक स्थाई नियुक्ति पीएससी में 25 पर्सेंट सीट, 10% नंबर उसमें छूट आदि कुछ भी नहीं मिला, जिसकी घोषणा हुई कैबिनेट से मंजूरी भी मिली पर आदेश हवा हवाई रहे सरकार को तत्काल अतिथि विद्वानों के हित में आदेश जारी करना चाहिए।
अब 3 मार्च को असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग पीएससी द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा तीन फेज में आयोजित की जानी है। पहले फेस की परीक्षा 3 मार्च को आयोजित की जाएगी। पूर्व में यह परीक्षा 28 जनवरी को होनी थी लेकिन तैयारी न होने के कारण परीक्षा को करीब एक महीना आगे बढ़ा दिया गया है यह भर्ती परीक्षा वनस्पति वाणिज्य अंग्रेजी हिंदी, इतिहास, ग्रह विज्ञान, गणित, संस्कृत के अलावा ग्रंथपाल और कीड़ा के लिए आयोजित की जाएगी।












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