सीहोर में कृषि भूमि के फर्जीवाड़े का मामला, तहसीलदार ने दर्ज कराई एफआईआर
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर में एक गंभीर कृषि भूमि फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। तहसीलदार ऋतु भार्गव ने अपने पटवारी समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
आरोप है कि पटवारी अधिकांश शर्मा और उनके सहयोगियों ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कृषि भूमि पर कब्जा कर लिया और बैंकों से ऋण भी लिया।

यह मामला 2017 से 2019 के बीच का है। आरोप के अनुसार, पटवारी अधिकांश शर्मा ने खजुरिया और घेंघी के राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ की। उन्होंने रिक्त खसरा नंबरों में अतिरिक्त प्रविष्टियाँ कर नई प्रविष्टियों के माध्यम से पांच लोगों को फर्जी तरीके से भूमि स्वामी घोषित किया। इन फर्जी भूमि स्वामियों ने उक्त भूमि को राजस्व अभिलेखों में दर्शाकर कई शासकीय और अशासकीय बैंकों से ऋण भी लिया।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
मामला तब उजागर हुआ जब चैन सिंह बाबूलाल मेवाड़ा, जो असली जमीन मालिक हैं, ने तहसील कार्यालय में उनकी जमीन के फर्जी नामांतरण के लिए आवेदन दिया। साइबर तहसील से उन्हें उनके मोबाइल पर मैसेज प्राप्त हुआ, जिससे उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसकी शिकायत की। इस शिकायत के बाद जांच शुरू की गई और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
फर्जीवाड़े के शिकार किसान
इस फर्जीवाड़े में खजुरिया गांव के किसान बाबूलाल मेवाड़ा की 15 एकड़ और मुकेश मेवाड़ा घेंघी की 20 एकड़ जमीन फर्जी तरीके से अन्य लोगों के नाम कर दी गई। इसके अलावा, अन्य किसानों की जमीन भी इसी तरह के फर्जीवाड़े के शिकार हुई।
तहसीलदार की कार्रवाई
तहसीलदार ऋतु भार्गव ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर में पटवारी अधिकांश शर्मा, शंकर लाल, दिलीप सिंह जाट, ईमाम खां, अनार सिंह जाट और करामत खां के नाम शामिल हैं। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर फर्जीवाड़ा किया और किसान की जमीन पर कब्जा कर लिया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस फर्जीवाड़े से प्रभावित किसानों को न्याय दिलाने के लिए तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारियों ने सुनिश्चित किया है कि दोषियों को कड़ी सजा मिले।
एफआईआर में नाम का खंडन
शंकर जयसवाल ने बयान जारी करते हुए कहा, "एफआईआर में मेरे नाम का कोई उल्लेख नहीं है। एफआईआर में 'शंकर पुत्र घासीलाल' नाम का उल्लेख किया गया है, जबकि मेरे पिता का नाम घासीराम है। यह स्पष्ट करता है कि एफआईआर में जो नाम है, वह मेरे परिवार का नहीं है और इस मामले से मेरा कोई संबंध नहीं है।"
मामले की स्थिति
वर्तमान में सीहोर जिले के इछावर में कृषि भूमि के फर्जीवाड़े की जांच चल रही है। तहसीलदार ऋतु भार्गव द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में कुल 6 लोगों के नाम शामिल हैं, जिन पर आरोप है कि उन्होंने राजस्व अभिलेखों में छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से भूमि स्वामित्व हासिल किया और बैंकों से ऋण लिया। जयसवाल का कहना है कि उनके नाम का गलत उपयोग किया गया है और वे इस मुद्दे पर पूरी तरह से पारदर्शी हैं।












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