टिकट नहीं मिलने पर बोले शिवराज के बेटे: "बुधनी के लोगों के बीच जाने के लिए मुझे किसी टिकट की जरूरत नहीं"
Budhni by-election news: मध्य प्रदेश में आगामी उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इसी बीच, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान ने टिकट नहीं मिलने के बावजूद अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि "बुधनी के लोगों के बीच जाने के लिए मुझे किसी टिकट की जरूरत नहीं है।"
बता दे बुधनी विधानसभा सीट पर बीजेपी ने विदिशा के पूर्व सांसद रमाकांत भार्गव को उम्मीदवार बनाया है। इस निर्णय के बाद, शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि रमाकांत भार्गव पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उनका टिकट मिलना एक सही फैसला है।

टिकट की रेस में कार्तिकेय का नाम भी था
किसी समय कार्तिकेय का नाम भी टिकट के लिए चर्चा में था। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि उनका उद्देश्य हमेशा से जनता की सेवा करना रहा है, न कि टिकट की इच्छा रखना। भोपाल में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "बुधनी के लोगों के पास जाने के लिए मुझे किसी टिकट की आवश्यकता नहीं है। मैंने पहले एक आम कार्यकर्ता के रूप में उनके लिए काम किया है।"
विचारधारा का महत्व
कार्तिकेय ने आगे कहा कि वे एक विचारधारा से जुड़े हुए लोग हैं और व्यक्तिगत इच्छाएं मायने नहीं रखतीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि, "यहां पर व्यक्तिगत इच्छाएं मायने नहीं रखती। अगर कुछ मायने रखता है तो वह है विचार... जो पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को एक माला की तरह पिरोकर रखता है।"
पार्टी की सेवा और सम्मान
उन्होंने यह भी कहा कि उनके नाम को पैनल तक पहुंचाने के लिए पार्टी के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "मेरे लिए इससे बड़ा कोई सौभाग्य नहीं हो सकता।" कार्तिकेय ने यह वचन भी दिया कि बुधनी का चुनाव शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में जारी रहेगा और रमाकांत भार्गव के साथ मिलकर वे इसे और भी ताकत से लड़ेंगे।

तीन इंजन की ताकत
कार्तिकेय ने कहा कि "जब दादा को टिकट मिल जाता है तो ये तीन-तीन इंजन लग जाते हैं।" उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी एक शक्तिशाली और वैभवशाली देश का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कार्तिकेय ने कहा कि भार्गव भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी ने कई चुनाव लड़े हैं, यहां तक कि उनके जन्म से पहले भी। कार्तिकेय ने रमाकांत भार्गव की प्रशंसा करते हुए कहा, "वे अनुभवी व्यक्ति और अनुभवी राजनेता हैं। मैं मानता हूं कि बुधनी का जो फैसला किया गया है, वह एकदम उचित है।" उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में कई अन्य नेता भी हैं जो उनकी नजर में ज्यादा योग्य और डिजर्विंग हैं।
चुनावी सक्रियता का संकल्प
कार्तिकेय ने अपने चुनावी काम करने के तरीके का जिक्र करते हुए कहा, "दादा मेरे लिए पिता तुल्य हैं। मेरे लिए तो सचमुच में कोई अंतर ही नहीं है। जैसे पहले मैं चुनाव में काम करता आया हूं, वैसे अब भी मैं उसी ताकत और ऊर्जा के साथ लगूंगा।"
उन्होंने आगे कहा कि उनका लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा और देश की विचारधारा को लोगों तक पहुंचाना है। उपचुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है और उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे दादा के नेतृत्व में एकजुट होकर चुनाव लड़ें।
13 तारीख को होने वाली वोटिंग
कार्तिकेय ने यह भी बताया कि 13 तारीख को वोटिंग होनी है और सभी कार्यकर्ताओं को जुटने का आह्वान किया। उनका संदेश स्पष्ट है: "हम सब एकजुट होकर चुनाव लड़ें और दादा के नेतृत्व में विजय हासिल करें।"












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