किसान नेता दर्शन सिंह चौधरी को भाजपा ने होशंगाबाद लोकसभा सीट से बनाया उम्मीदवार, जानिए इनके संघर्ष के बारे में
MP news: भाजपा ने लोकसभा प्रत्याशियों की पहली सूची में होशंगाबाद से दर्शन सिंह चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। चौधरी भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष हैं। होशंगाबाद सीट से सांसद राव उदय प्रताप सिंह को पार्टी ने विधानसभा चुनाव में लड़ाया था। वह अभी प्रदेश के परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री हैं। दर्शन सिंह चौधरी नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी गांव के चांदौन गांव के निवासी हैं। उनकी किसानों के बीच अच्छी पकड़ है।
दर्शन सिंह चौधरी का जन्म किसान परिवार में श्री नारायण सिंह जी चौधरी के चतर्थु पुत्र के रूप में 14 अक्टूबर 1975 को दशहरे के दिन ग्राम-चांदौन, तहसील-बनखेड़ी, जिला-होशंगाबाद, मध्य प्रदेश में हुआ।

चौधरी ने पांच विषयों में PG किया हैं। उन्होंने दर्शन शास्त्र से विश्वविद्यालय में सर्वोत्तम स्थान हासिल करते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया। नवोदय विद्यालय से उन्होंने माध्यमिक हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की शिक्षा प्राप्त की है, और वर्तमान में उन्हें नवोदयीन छात्र संगठन के संरक्षक के रूप में चुना गया है।
शासकीय नौकरी में वे पीपरपानी में कार्यरत रहे हैं। एक किसान परिवार में जन्म लेने के कारण किसानों की तात्कालिक दशा और दिशा ने उन्हें शासकीय नौकरी में संघर्ष की ओर मोड़ दिया।
उन्होंने बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय भावना से प्रेरित होते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में शाखा मुख्य शिक्षक, खंड कार्यवाहक का दायित्व निभाते हुए संघ शिक्षा वर्ग में द्वितीय वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
- उन्होंने अविवाहित रहते हुए राष्ट्र सेवा और समाज सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है।
- उन्होंने भारतीय किसान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर संगठन प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारियों को संभाला है।
- उन्होंने किसानों के साथ मजदूरों को जोड़ते हुए राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ की स्थापना की है।
- उन्होंने किसानों के हक और अधिकारों के लिए न्यायिक संघर्ष में 7 बार जेल भी गए हैं।
- उन्होंने शिक्षकों के अधिकारों की मांगों को लेकर विकासखंड से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- उन्होंने सामूहिक आदर्श विवाह सम्मेलनों के माध्यम से 2200 कन्याओं का विवाह करवाया है।
- उन्होंने भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष के दायित्व को संभालते हुए किसान मोर्चा के जिला, संभाग और प्रदेश स्तरीय कार्यक्रमों और प्रशिक्षण शिविरों में निर्णायक भूमिका निभाई है।
- उन्होंने प्रदेश समन्वयक की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए प्रदेश के विभिन्न आंदोलनों में मध्यस्थता करते हुए आंदोलनकारियों और शासन के बीच श्रेष्ठ समन्वय स्थापित किया है।












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