MP News: रोजगार को लेकर मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, अगले पांच साल में ढाई लाख सरकारी पदों पर सीधी भर्ती
MP News: प्रदेश सरकार ने अगले पांच साल में प्रदेश में ढाई लाख सरकारी पदों पर सीधी भर्ती करने का ऐलान किया है। इस निर्णय के तहत सरकार ने आगामी वर्षों के लिए हर साल सरकारी भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी करने का भी निर्णय लिया है, ताकि युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
रोजगार संकल्प पत्र 2024 के तहत भर्ती की तैयारी
मध्यप्रदेश सरकार ने रोजगार संकल्प पत्र 2024 के अंतर्गत एक प्रमुख पहल के रूप में यह निर्णय लिया है। वित्त विभाग ने इस बारे में नए निर्देश जारी किए हैं, जिनमें भर्ती प्रक्रिया और पदों की स्थिति को लेकर स्पष्टता दी गई है।

नए निर्देश और पुराने आदेशों में संशोधन:
वित्त विभाग ने इस संदर्भ में सामान्य प्रशासन विभाग के 22 नवंबर 2022 को जारी आदेश में संशोधन करते हुए 31 अक्टूबर 2024 से पहले के आदेशों को प्रभाव शून्य घोषित कर दिया है। हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पहले से शुरू हो चुकी थी, उनकी भर्ती को निरस्त नहीं किया जाएगा।
कौन सी भर्तियां नहीं होंगी निरस्त?
वित्त विभाग द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में यह स्पष्ट किया गया है कि 16 नवंबर 2022 और 22 नवंबर 2022 को जारी किए गए आदेशों के तहत जिन भर्तियों की प्रक्रिया 30 अक्टूबर 2024 तक पूरी हो चुकी है, उन्हें निरस्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, जिन रिक्त पदों पर कर्मचारी चयन मंडल (SSB), एमपी पीएससी या अन्य भर्ती संस्थाओं को कार्यवाही के लिए पत्र भेजे गए थे, या जिन पदों पर नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद कार्यभार ग्रहण करना बाकी है, उनकी भर्ती भी निरस्त नहीं मानी जाएगी।
सीधी भर्ती की 5 प्रतिशत सीमा को स्थगित किया गया
वित्त विभाग ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसमें सीधी भर्ती के लिए पहले तय किए गए 5 प्रतिशत पदों की सीमा को स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय 3 जनवरी 2013 और 13 अगस्त 2021 के जारी निर्देशों में की गई संशोधन के तहत लिया गया है। अब यह निर्णय वर्ष 2028-29 तक प्रभावी रहेगा। इसका मतलब है कि भविष्य में और अधिक सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो पहले निर्धारित सीमा से अधिक होगी।
भर्ती प्रक्रिया को लेकर आशावाद
इस फैसले के बाद, मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के अवसरों में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की संभावना है। आगामी वर्षों में होने वाली भर्तियों के लिए एक स्पष्ट कैलेंडर जारी करने से नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को समय पर तैयारी का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, सरकार का यह कदम प्रदेश में रोजगार की स्थिति को सुधारने के साथ-साथ बेरोजगारी दर को भी कम करने में सहायक होगा।
वित्त विभाग द्वारा जारी नई नीति के तहत पदों की भरपाई के लिए कुछ खास फॉर्मूला निर्धारित किए गए हैं, जो विभिन्न प्रकार के रिक्त पदों के आधार पर लागू होंगे।
1. 50 रिक्त पदों वाले संवर्ग (कैडर):
अगर किसी संवर्ग में रिक्त पदों की संख्या 50 तक है, तो उन पदों की भर्तियां दो चरणों में की जाएंगी:
- 50% पद वित्तीय वर्ष 2024-25 में भरे जाएंगे।
- शेष 50% पद वित्तीय वर्ष 2025-26 में भरे जाएंगे।
- इस फॉर्मूले के तहत, सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरा जाए और प्रक्रिया में कोई देरी न हो।
2. 51 से 200 रिक्त पदों वाले संवर्ग
यदि किसी संवर्ग में रिक्त पदों की संख्या 51 से 200 तक है, तो इन पदों को विभिन्न चरणों में भरा जाएगा। इसमें तीन मुख्य परिस्थितियों को ध्यान में रखा गया है। यदि रिक्त पद 33% से कम हैं।
इन पदों को एक बार में भरा जाएगा, यानी सभी रिक्त पद एक साथ भरे जाएंगे।
यदि रिक्त पद 33% से अधिक लेकिन 66% से कम हैं:
- वर्ष 2024-25: 8% पदों की भर्ती।
- वर्ष 2025-26: 46% पदों की भर्ती।
- वर्ष 2026-27: शेष 46% पदों की भर्ती।
यदि रिक्त पद 66% से अधिक हैं
- वर्ष 2024-25: 8% पदों की भर्ती।
- वर्ष 2025-26: 31% पदों की भर्ती।
- वर्ष 2026-27: 31% पदों की भर्ती।
- वर्ष 2027-28: शेष 30% पदों की भर्ती।
सरकार का उद्देश्य
यह नीति यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है कि विभिन्न संवर्गों में रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरा जा सके। इसके अलावा, यह प्रक्रिया ऐसे संवर्गों को प्राथमिकता देगी जहां रिक्त पदों की संख्या अधिक है, ताकि लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरा जा सके।












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