Bhopal News: भोपाल का सबसे लंबा फ्लाईओवर जीजी तैयार, गडकरी और CM मोहन यादव कर सकते हैं उद्घाटन
Bhopal MP News: राजधानी भोपाल में सबसे लंबे फ्लाईओवर का काम अब पूरा हो चुका है। यह फ्लाईओवर गणेश मंदिर से लेकर गायत्री मंदिर तक करीब पौने 3 किमी लंबा है और इसकी कुल लागत 121 करोड़ रुपये आई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किए जाने की संभावना है, हालांकि तारीख अभी तक तय नहीं हो पाई है।

केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री यादव के उद्घाटन का इंतजार
इस फ्लाईओवर का उद्घाटन पहले 3 जनवरी को होने की उम्मीद थी, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के कारण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया था। अब आशा जताई जा रही है कि इसी सप्ताह फ्लाईओवर से ट्रैफिक की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी, जिससे शहरवासियों को ट्रैफिक समस्या में राहत मिलेगी।
ब्रिज की खासियत
यह फ्लाईओवर भोपाल का सबसे लंबा ब्रिज है, जिसकी कुल लंबाई 2734 मीटर (करीब पौने 3 किमी) है। इसे बनाने में 4 साल का समय लगा, जबकि इसे केवल 2 साल में पूरा करने का लक्ष्य था। निर्माण कार्य दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसे समय सीमा के बाद पूरा किया गया।
तीसरी भुजा और सर्विस लेन भी पूरी
ब्रिज का काम समय से अधिक लंबा खिंचने के बावजूद, अब इसका तीसरी भुजा (थर्ड आर्म) और सर्विस लेन का काम भी पूरा हो चुका है। यह सुविधाएं ब्रिज के कार्यक्षमता और यातायात की सुगमता को और बेहतर बनाएंगी। इन कामों के पूरा होने के बाद अब यातायात के संचालन में कोई रुकावट नहीं रहेगी।
पहले 26 दिसंबर की थी तारीख
इस फ्लाईओवर के उद्घाटन की तारीख पहले 26 दिसंबर 2024 निर्धारित की गई थी, लेकिन थर्ड आर्म का निर्माण न पूरा होने के कारण उद्घाटन नहीं हो सका था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के गुजरात दौरे पर जाने और अन्य कामों के कारण उद्घाटन की तारीख को टाल दिया गया था।
नई उम्मीदें और यातायात में सुधार
भोपाल के सबसे लंबे फ्लाईओवर के बन जाने से शहरवासियों को निश्चित ही ट्रैफिक जाम और भीड़-भाड़ से राहत मिलेगी। इस फ्लाईओवर से यातायात की सुगमता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे खासकर गणेश मंदिर और गायत्री मंदिर के आसपास के इलाकों में यातायात की समस्या कम हो जाएगी।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक, फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और सभी आवश्यक टेस्ट सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। हाल ही में लोड और लाइटिंग टेस्ट भी किए गए थे, जिनमें कोई समस्या नहीं आई। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने ट्रैफिक संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, ताकि ट्रैफिक में कोई रुकावट न हो और लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
मैनिट की सलाह पर किए गए बदलाव
ब्रिज पर ट्रैफिक का संचालन शुरू करने से पहले, मैनिट (महात्मा गांधी राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) के एक्सपर्ट्स से परामर्श लिया गया था। उनके मार्गदर्शन के बाद कुछ बदलाव किए गए हैं, जो ट्रैफिक की सुगमता और सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे। गणेश मंदिर से वल्लभ भवन चौराहा की ओर आने वाली पहली और दूसरी आर्म का काम पूरा हो चुका है और इस रूट पर लोड टेस्ट भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
60% ट्रैफिक को मिलेगी राहत, एमपी नगर में नहीं लगेगा जाम
इस फ्लाईओवर से एमपी नगर आने वाले 60% ट्रैफिक को राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लाईओवर बनने के बाद ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा और महज 5 मिनट में पौने तीन किमी की दूरी तय की जा सकेगी। ट्रैफिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, पिक अवर्स यानी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक एमपी नगर रोड पर पैसेंजर कार यूनिट (पीसीयू) 10 हजार तक पहुंचता है। इनमें से 60% वाहन ऐसे होते हैं, जिन्हें एमपी नगर में दाखिल होने की जरूरत नहीं होती। ये वाहन सरकारी दफ्तरों, चेतक ब्रिज, रानी कमलापति स्टेशन, रचना नगर और मान सरोवर की दिशा में जाते हैं। फ्लाईओवर न होने की स्थिति में यह वाहन एमपी नगर में ट्रैफिक जाम का कारण बनते थे, लेकिन अब यह जाम खत्म हो जाएगा।
ट्रैफिक की समस्या होगी हल
वर्तमान में, इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव काफी ज्यादा होता है और लोग 3 किमी की दूरी तय करने में करीब 30 मिनट का समय लगा देते हैं। दिनभर ट्रैफिक का दबाव बना रहता है, खासकर मेट्रो के काम के कारण भी जाम की स्थिति बनती थी। अब फ्लाईओवर बनने के बाद यह दूरी महज 5 मिनट में तय की जा सकेगी, जिससे न केवल एमपी नगर, बल्कि पूरे शहर के ट्रैफिक संचालन में सुधार होगा।












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