वीडियो से उठे 5 सवाल, आखिर सिमी आतंकियों के एनकाउंटर का सच क्या है?

Posted By:
Subscribe to Oneindia Hindi

भोपाल। मध्य प्रदेश में जेल से भागे सिमी के आठ आतंकियों के एनकाउंटर को लेकर जहां पुलिस टीम अपनी पीठ थपथपा रही है वहीं इस एनकाउंटर का वीडियो सामने आने के बाद इस पर सवाल उठने लगे हैं। एनकाउंटर को लेकर कुछ वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहे हैं जिसके बाद पूरा मामला बढ़ता जा रहा है।

विपक्ष ने एनकाउंटर को बताया फर्जी

जानकारी के मुताबिक सोमवार को सिमी के आठ आतंकी जेल तोड़कर भाग गए थे। उन्होंने भागते समय एक कॉन्स्टेबल की चाकू मारकर हत्या भी की थी।

केजरीवाल ने भोपाल एनकाउंटर को बताया फर्जी, मोदी पर उठाए सवाल

मामले सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस ने आतंकियों की तलाश शुरू कर दी। बाद में उनके एनकाउंटर की बात सामने आई। हालांकि इसके बाद विवाद तब गहराया जब इस एनकाउंटर से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गए। हालांकि ये वीडियो क्या एनकाउंटर से ही जुड़े हुए हैं इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई।

भोपाल एनकाउंटर के वीडियो ने उठाए पुलिस की कहानी पर सवाल

इस बीच प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस समेत कई दलों ने इस एनकाउंटर को फर्जी करार दिया है। उन्होंने मामले की जांच की मांग की है। आखिर इन वीडियो के सामने आने के बाद कौन-सी बातें हैं तो जिन पर विवाद हो रहा है...

भोपाल जेल:हेड कांस्टेबल रमाशंकर की बेटी ही होने वाली थी शादी

पुलिस ने आतंकियों को पास से क्यों मारा?

पुलिस ने आतंकियों को पास से क्यों मारा?

सिमी के आठ आतंकियों की मुठभेड़ को लेकर सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हो रहे हैं जिसमें नजर आ रहा है कि पुलिस टीम कैसे इन आतंकियों को घेर रही है। इस वीडियो में नजर आता है कि आतंकी एक पहाड़ी पर रुके हुए हैं।

दूसरी ओर पुलिस वाले उनसे काफी दूर नजर आते हैं। वीडियो में नजर आता है कि पुलिस दूर से उन पर फायरिंग कर रही है। हालांकि एक अन्य वीडियो में आतंकियों पर पास से गोली चलाते हुए एक पुलिसकर्मी नजर आता है। ऐसा लगता है जैसे मरे हुए व्यक्ति पुलिसकर्मी गोली चला रहा है।

एक वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मी एक सिमी आतंकी की पैंट से एक चाकू को निकालते हुए नजर आता है। ये पुलिसकर्मी उस चाकू को देखने के बाद फिर वहीं रख देता है। वीडियो में पुलिस कहीं पास तो कहीं दूर दिखने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

क्या सिमी आतंकियों को फिर से पकड़ा जा सकता था?

क्या सिमी आतंकियों को फिर से पकड़ा जा सकता था?

सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि ये बातें सामने आ रही हैं कि पुलिस ने आतंकियों को चारों ओर से घेर लिया था। हालांकि एक वीडियो में पुलिसकर्मी कंट्रोल रूम से सहायता मांगते भी नजर आ रहा है।

वीडियो में एक आवाज आती है, कंट्रोल! इनमें से पांच लोग हमसे बात करना चाहते हैं। तीन भागने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें घेर लो!' इसके बाद गोलियों की आवाज आती है। पुलिस के मुताबिक ये पूरा घटनाक्रम सुबह 10.30 से 11.30 बजे के आस-पास का है।

मारे गए सिमी आतंकियों के नए कपड़ों को लेकर उठे सवाल

मारे गए सिमी आतंकियों के नए कपड़ों को लेकर उठे सवाल

एनकाउंटर को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि आतंकियों के शवों को देखने से पता चल रहा है कि उन्होंने नए कपड़े पहन रखे हैं। उनके जूते भी नए हैं। सवाल ये है कि आखिर उन्होंने नए कपड़े कब लिए।

इसके अलावा सवाल ये भी क्या वाकई में इन आतंकियों को पकड़ा नहीं जा सकता था जो फायरिंग की गई। फिलहाल इन वीडियो के सामने आने के बाद प्रदेश के गृह मंत्रालय ने जांच की बात कही है।

जेल के सीसीटीवी बंद होने पर उठ रहे सवाल

जेल के सीसीटीवी बंद होने पर उठ रहे सवाल

बड़ा सवाल इस बात को लेकर भी उठ रहा है कि आखिर जब ये सभी सिमी आतंकी जेल से भागे तो उस समय जेल के सीसीटीवी फुटेज बंद क्यों थे? अगर सीसीटीवी फुटेज होते तो पता चल सकता था कि आखिर ये सभी आतंकी जेल तोड़कर भागे कैसे?

दूसरी ओर उन्होंने कॉन्स्टेबल रमाशंकर यादव की गला रेतकर हत्या की थी। इसके बाद वह जेल की छत से होकर फरार हुए तो क्या इस दौरान एक भी जेल में तैनात पुलिसकर्मी ने उन्हें नहीं देखा?

मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब

मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब

इस बीच एनकाउंटर फर्जी है या नहीं इसकी जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भोपाल पहुंच गई है। दूसरी ओर मानवाधिकार आयोग ने एनकाउंटर को लेकर प्रदेश सरकार से सवाल मांगा है। वहीं विपक्ष ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। आखिर वायरल हो रहे वीडियो क्या एनकाउंटर के हैं ये अभी साफ नहीं है।

फिलहाल मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने कहा कि पूरे मामले की जांच एनआईए करेगी। बता दें कि सिमी सदस्यों को पुलिस ने गुनगा थाना क्षेत्र में ईंटखेड़ी गांव के पास एनकाउंटर में ढेर किया। उनके नाम हैं...जाकिर हुसैन सादिक, मोहम्मद सलीक, महबूब गुड्डू, मोहम्मद खालिद अहमद, अकील, अमजद, शेख मुजीब और मजीद शामिल थे।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Bhopal encounter videoclips raised questions about events and prompted eight SIMI inmates.
Please Wait while comments are loading...