चश्मदीद की जुबानी सुनिए भोपाल एनकाउंटर की पूरी कहानी...
भोपाल जेल से भागने वाले सिमी के 8 आतंकियों के एनकाउंटर को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। इस बीच पूरे एनकाउंटर के एक चश्मदीद सामने आए हैं।
भोपाल। सिमी आतंकियों के एनकाउंटर को लेकर हंगामा लगातार बढ़ता जा रहा है।इस बीच पूरे एनकाउंटर के चश्दीद भी सामने आ गए हैं। उन्होंने एनकाउंटर के पहले और बाद के हालात को सबके सामने बयां किया है...

चश्मदीद ने बताया एनकाउंटर का पूरा सच
भोपाल जेल से भागने वाले सिमी के 8 आतंकियों के एनकाउंटर को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। इस बीच इस पूरे एनकाउंटर के एक चश्मदीद सामने आए हैं।
इनका नाम मोहन सिंह मीणा है। ये खेजड़ा गांव के सरपंच हैं। वह इस पूरे एनकाउंटर के चश्मदी हैं। उन्होंने बताया कि वो पहले शख्स हैं जिन्होंने इन आतंकियों को सबसे पहले पहचाना और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया। उन्होंने ही सबसे पुलिसकर्मियों आतंकियों के छुपने की जानकारी दी।

एनकाउंटर के चश्मदीद मोहन सिंह मीणा खेजड़ा गांव के सरपंच हैं
एनकाउंटर के चश्मदीद मोहन सिंह मीणा ने बताया कि मेरे पास सुबह करीब 6-7 बजे पुलिस आई उन्होंने बताया कि भोपाल जेल से कुछ आतंकी भाग कर इस इलाके में आए हैं। ये आपका क्षेत्र है इसलिए आप अपने लोगों को इस बारे में जानकारी मुहैया करा दें कि अगर कोई संदिग्ध शख्स आपको इस इलाके में नजर आता है तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को मुहैया करा दें।
मोहन सिंह मीणा ने बताया कि दूसरे गांव में मौजूद उनके एक जानकार ने इस बात की पुष्टि की थी कि कुछ संदिग्ध लोग उनके गांव की ओर जाते हुए दिखे हैं। इस बीच में सरपंच मोहन सिंह मीणा ने खुद भी टीवी से मामले की जानकारी ली।

जब मोहन सिंह मीणा ने किया संदिग्ध आतंकियों को पीछा
खेजड़ा गांव के सरपंच मोहन सिंह मीणा के मुताबिक इसके बाद उन्होंने अपने एक जानकार को गाड़ी लेकर बुलाया और संदिग्धों की तलाश के लिए निकल गए।
अचानक ही उन्होंने एक नदी से कुछ लोगों को निकलते हुए देखा। पहले उन्होंने इन लोगों को पुलिस वाला समझा, लेकिन बाद में उन्हें शक हुआ तो उन लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

'सूचना के आधे घंटे बाद पहुंची पुलिस'
चश्मदीद मोहन सिंह मीणा के मुताबिक उन्होंने उन संदिग्धों को आवाज देकर रोकने की कोशिश की। उन्होंने कुछ जवाब दिया लेकिन उनकी भाषा उन्हें समझ नहीं आई। इसके बाद सरपंच मीणा ने एक शख्स को गांव भेजा जो और लोगों को गांव लेकर आए।
इस बीच उन्होंने उन संदिग्धों का पीछा करना जारी रखा। उन्होंने करीब डेढ़ किमी. तक इन लोगों का पीछा किया। इसके बाद संदिग्ध आतंकी एक पठार पर चढ़ गए।

चश्मदीद के मुताबिक पुलिस ने सरेंडर का दिया था मौका
मीणा के मुताबिक हमने उन्हें इस दौरान भी रोकने की कोशिश तो उन्होंने कहा कि करीब आए तो गोली मार देंगे। इसके बाद उन्होंने पूरी सूचना पुलिस को दी। चश्मदीद के मुताबिक सूचना देने के करीब 25-30 मिनट बाद पुलिस यहां पहुंची। उनके मुताबिक सुबह 9.15 की घटना थी।
मोहन सिंह मीणा के मुताबिक पुलिस जब आई तो उन्होंने संदिग्ध आतंकियों को चेतावनी दी। हालांकि वो लोग सरेंडर के लिए तैयार नहीं हुए। चश्मदीद के मुताबिक वो लोग नारा लगा रहे थे। हालांकि भाषा के अंतर की वजह से उन्हें नारे समझ नहीं आए। आखिर में पुलिस को उन्होंने इतना मजबूर कर दिया कि उन्हें एनकाउंटर करना पड़ा।
खेजड़ा गांव के सरपंच मोहन सिंह मीणा ने एनकाउंटर को लेकर क्या कहा, सुनिए?
खेजड़ा गांव के सरपंच मीणा के मुताबिक पुलिस ने संदिग्ध आतंकियों को चेतावनी दी, करीब 10 से 15 राउंड हवाई फायरिंग की। इसके बाद भी उन लोगों ने आत्मसमर्पण नहीं किया। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया। जिसके बाद पुलिस ने उनका एनकाउंटर किया। चश्मदीद के मुताबिक ये एनकाउंटर करीब आधे घंटे तक चला।
चश्मदीद के मुताबिक पुलिस ने संदिग्ध आतंकियों को तीन ओर से घेर रखा था। वहीं आस-पास के गांव से काफी लोग यहां जमा हो गए थे। मणिखेरी पठार पर पूरा एनकाउंटर किया गया। ये खेजड़ा गांव से लगी हुई है।












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