MP News: भगोरिया के रंग में रंगे CM मोहन यादव, आदिवासी समाज के लिए किया बड़ा ऐलान
मध्यप्रदेश के झाबुआ में भील महासम्मेलन का शुभारंभ भारत माता, टंट्या भील, राणा पुंजा एवं सबरी माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा, भगोरिया के समाँ में मस्ती में झूमते-नाचते टोलियों को देखकर पाँव अपने आप थिरकने लगते हैं कि झाबुआ में आकर मन आनन्दित हो उठा है। उन्होंने कहा कि, हजारों वर्षों से फागुन के माह में ढोल माँदल की थाप पर भगोरिया जिले की पहचान हैं। उन्होंने कहा कि, आप अपने पूर्वजों का अभिनन्दन करे हमारी संस्कृति और भगोरिया का उत्साह इतिहास से निरन्तर चला आ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि, जनजातीय समाज के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश शासन तत्परता से कार्य कर रहा हैं। उन्होंने कहा कि अब रोजगार के लिए युवाओं को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सरकार क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य प्रोफेशनल कोर्स में जनजातीय विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग क्लास शुरू करने की घोषणा की। मेडिकल कॉलेज खोलने की नीति में बदलाव किया गया है ताकि सबसे पहले जनजातीय बहुल अंचल में कॉलेज खुलें। सोलर पंप योजना के तहत निःशुल्क बिजली देकर हर खेत तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।उद्योगों की स्थापना के लिए अनुदान नीति जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। गरीबों के लिए निशुल्क एयर एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था की गई हैउन्होंने बताया दूध उत्पादन पर ₹5 बोनस और गाय खरीदने पर अनुदान दिया जाएगा।
घोषणाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टिटकी माता देवलोक के जीर्णोद्धार कराए जाने की घोषणा की। साथ ही जिले में जल प्रदाय के लिए अनास नदी को नर्मदा नदी से जोड़ने की योजना के परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने ओंकारेश्वर, उज्जैन और झाबुआ में धर्मशाला निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसी तरह कालका माता मंदिर से एम-2 होटल तक सड़क निर्माण की घोषणा। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कच्चे मकानों की सूची तैयार कर पी एम आवास योजना के तहत सर्वे कराए जाएं हेतु निर्देशित किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग सुश्री निर्मला भूरिया ने अपने सम्बोधन में कहा कि, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का झाबुआ जिले की धरती पर स्वागत है। उन्होंने बताया कि अंचल में उनके पिताजी एवं पूर्व सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह भूरिया के प्रयासों से पेसा एक्ट को अधिनियमित किया गया, जिससे जनजातीय क्षेत्र में ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने का कार्य किया है। इसी के साथ अंचल में विभिन्न कार्यों से विकास की गंगा बह रही है।
पूर्व सांसद गुमान सिंह डामोर ने कहा कि, भील सम्मेलन में पधारे मुख्यमंत्री जो अंचल की सांस्कृतिक विरासत में शामिल होने से भगोरिया का मजा और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने भील समाज के उत्थान के लिए जिले में दहेज, डीजे, दापा के सम्बन्ध में किये गये प्रयासों के बारे में अवगत कराया साथ ही भील समाज की धर्मशाला के लिए ओंकारेश्वर, उज्जैन और झाबुआ में जमीन आवंटन के लिए मांग की। जिलाध्यक्ष श्री भानु भूरिया ने भीली बोली में समस्त उपस्थित जनो को विकास के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश शासन के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कलसिंह भाबर, राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री कनकमल कटारा सहित सभी समाज के प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहेगें।
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