MP News: जमीन अधिग्रहण पर किसानों ने मांगा उचित मुआवजा, नहीं मिला तो इस दिन से होगा आंदोलन
मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बार फिर किसानों ने अलग-अलग मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है, जहां किसानों ने पूर्वी और पश्चिमी रिंग रोड के लिए किए जाने वाले जॉइंट सर्वे को तत्काल बंद करने और गाइडलाइन के हिसाब से उचित मुआवजा देने की मांग की है।
वहीं किसानों ने अल्टीमेटम देते हुए मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है, जहां 27 फरवरी से उग्र आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं।

विगत 12 वर्षों से गाइडलाइन बढाई नहीं गयी है
भारतीय किसान संघ, मालवा प्रांत कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में किसान नेताओं ने बताया कि, इंदौर में पूर्वी एवं पश्चिमी रिंग रोड निर्माण कार्य के लिए किया जाने वाला जॉइंट सर्वे तत्काल बंद किया जाए। केंद्रीय भू-अधिग्रहण कानून 2014, सम्पूर्रण राज्य में अतिशीघ्र लागु किया जाए। विगत 12 वर्षों से गाइडलाइन बढाई नहीं गयी है, अतः प्रति वर्ष 20 प्रतिशत के हिसाब से गाइडलाइन बढ़ाई जाये। तत्पश्चात बढ़ी हुई गाइडलाइन का 4 गुना मुआवज़ा दिया जाए। इंदौर में आउटर रिंग रोड के लिए जारी किये गए वर्त्तमान राजपत्र को निरस्त करके गाइडलाइन बढ़ने के बाद नया राजपत्र जारी किया जाए।
चरणबद्ध आंदोलन करने की तैयारी
किसान नेताओं ने बताया कि, किसी भी भूमि अधिग्रहण योजना में किसानो की सहमति के बिना किसी भी प्रकार अधिग्रहण प्रक्रिया आगे न बढ़ाई जाये। मध्य प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों को को भंग किया जाए। क्यों कि विकास प्राधिकरण का जन्म जिस उद्देश्य के लिए हुआ था वह उससे भटक चुका हैं, और अब केवल सरकारी भू-माफिया की तरह काम कर रहा है। शासन-प्रशासन से निवेदन करते है किसान हित में उपरोक्त मांगो को प्राथमिकता से माना जाए, अन्यथा भारतीय किसान संघ 27 फरवरी 2025 से चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए विवश होगा। बहरहाल, अब देखना होगा कि, किसानों की मांग कब तक पूरी हो पाती है।
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