समंदर के बीचों-बीच 11 भारतीय नाविकों से हुई भयंकर भूल? नाइजीरिया ने ठोका 44 करोड़ का जुर्माना, जहाज भी छीना
11 Indian Sailors Convicted Nigeria: नाइजीरिया से भारतीय मर्चेंट नेवी से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। लागोस की एक अदालत ने 11 भारतीय नाविकों को कोकीन तस्करी मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने जहाज पर 5.3 मिलियन डॉलर (करीब 44 करोड़ रुपये) का भारी जुर्माना लगाया है, जबकि चालक दल के सदस्यों पर भी अलग-अलग फाइन लगाया गया है।
मामला उस समय सामने आया था जब नाइजीरिया की ड्रग एजेंसी NDLEA ने अपापा पोर्ट पर एक कार्गो शिप की तलाशी के दौरान 31.5 किलो कोकीन बरामद की थी। अब इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेक्टर में हलचल बढ़ा दी है।

अपापा पोर्ट पर कैसे खुला पूरा मामला?
यह मामला करीब छह महीने पहले शुरू हुआ था। नाइजीरिया की नेशनल ड्रग लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी (NDLEA) को एक सीक्रेट इनपुट मिला था कि एक कार्गो शिप के जरिए ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है। इसके बाद अधिकारियों ने लागोस के अपापा पोर्ट पर जहाज की जांच की। तलाशी के दौरान जहाज से 31.5 किलोग्राम हाई-क्वालिटी कोकीन बरामद हुई। बरामदगी के तुरंत बाद एजेंसी ने जहाज को सीज कर लिया और उसमें मौजूद सभी 11 भारतीय क्रू मेंबर्स को हिरासत में ले लिया।
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अदालत ने क्या फैसला सुनाया?
लागोस फेडरल हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस जोसेफ चुक्वुजेक्वू अनेके ने जहाज के मालिक और सभी 11 भारतीय नाविकों को दोषी माना। कोर्ट ने जहाज पर 5.3 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया। साथ ही चालक दल के सदस्यों पर भी व्यक्तिगत फाइन लगाया गया। अदालत ने माना कि जहाज के जरिए प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी की गई थी। फैसले के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय शिपिंग इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बन गया है।
कप्तान और सीनियर अफसरों पर कितना फाइन लगा?
कोर्ट के आदेश के मुताबिक जहाज के कप्तान समेत तीन सीनियर अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से 1 लाख अमेरिकी डॉलर का जुर्माना भरना होगा। वहीं बाकी आठ क्रू मेंबर्स को 50-50 हजार डॉलर का फाइन लगाया गया है। इसके अलावा सभी 11 दोषियों पर 1 लाख नाइजीरियाई नायरा का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया। अदालत का कहना है कि ड्रग्स से जुड़े मामलों में सख्त सजा और भारी आर्थिक दंड ही ऐसे अपराधों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।
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NDLEA ने फैसले के बाद क्या संदेश दिया?
नाइजीरिया की ड्रग एजेंसी NDLEA ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ मजबूत संदेश है। एजेंसी ने साफ कहा कि नाइजीरिया अब कोकीन या किसी भी अन्य प्रतिबंधित ड्रग की तस्करी के लिए सुरक्षित रूट नहीं रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक समुद्री रास्तों का इस्तेमाल करने वाले ड्रग सिंडिकेट्स पर लगातार नजर रखी जा रही है। एजेंसी ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
भारतीय नाविकों के सामने आगे क्या विकल्प हैं?
फिलहाल सभी 11 भारतीय नाविक नाइजीरियाई प्रशासन की हिरासत में हैं। कानूनी जानकारों का मानना है कि दोषी ठहराए गए नाविक इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकते हैं। दूसरी ओर भारतीय दूतावास भी मामले पर नजर बनाए हुए है। अगर अपील दायर की जाती है तो आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। इस बीच मर्चेंट नेवी और शिपिंग सेक्टर से जुड़े लोग इस केस को बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं क्योंकि इसका असर भविष्य की समुद्री सुरक्षा और नियमों पर पड़ सकता है।












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