'गोडसे भक्त' बाबूलाल चौरसिया कांग्रेस में हुए शामिल, कमलनाथ थे मौजूद
भोपाल। महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की प्रतिमा लगाने के कार्यक्रम में शामिल हुए शख्स बाबूलाल चौरसिया ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। बाबूलाल चौरसिया को पार्टी में शामिल करने के बाद कांग्रेस घिरती नजर आ रही है। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ की मौजूदगी में बुधवार को बाबूलाल चौरसिया ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। बाबूलाल चौरसिया जिस वार्ड से पार्षद हैं, वहां देश का इकलौता नाथूराम गोडसे का मंदिर है।
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हिंदू महासभा से पार्षद रह चुके बाबूलाल चौरसिया 25 फरवरी को राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ जी की मौजूदगी में कांग्रेस में शामिल हुए। कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद ग्वालियर के नगरसेवक बाबूलाल चौरसिया ने कहा, 'मैं जन्म से कांग्रेसी हूं। नगर निगम चुनावों में कांग्रेस की ओर से टिकट न दिए जाने के बाद मैंने पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद मैं हिंदू महासभा में शामिल हुआ, चुनाव लड़ा और जीता। बाद में, मुझे एहसास हुआ कि मैं उनकी विचारधारा में फिट नहीं हूं। इसलिए कांग्रेस में वापसी कर ली।
गोडसे मंदिर के कार्यक्रम में शामिल होने पर सफाई देते हुए बाबूलाल चौरसिया ने कहा, हिंदू महासभा ने मुझे अंधेरे में रखकर गोडसे की पूजा कराई थी। पिछले 2-3 साल से मैं इनके इस तरह के कार्यक्रम से दूरी बनाकर चल रहा था। मेरे मन में हिंदू महासभा की विचारधारा समाहित नहीं हो सकी। बाबूलाल चौरसिया के कांग्रेस में शामिल होने पर पार्टी के ही नेता मानक अग्रवाल ने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा है कि गोडसे की पूजा करने वालों को कांग्रेस में शामिल नहीं करवाना चाहिए, हम इसके सख्त खिलाफ हैं। उनकी (कमलनाथ) जानकारी में सारी चीजें नहीं होंगी, इसलिए उन्होंने पार्टी में शामिल करा दिया, इसका विरोध किया जाएगा। गोडसे को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी और आरएसएस पर हमलावर रहती है। 2017 को हिंदू महासभा ने अपने कार्यालय में गोडसे की एक मूर्ति स्थापित की थी। चौरसिया उस आयोजन में मौजूद थे।












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