रतलाम में भतीजी को पीटने के मामले में चाची की सच्चाई आई सामने, बालिका बोली- पहले मैंने उन्हें मारा था
रतलाम में चाची द्वारा भतीजी की मारपीट का एक वीडियो सामने आने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर की टीम ने बच्ची को उसके दादा-दादी के घर से रेस्क्यू कर लिया। बच्ची को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया, जहां उसकी काउंसिलिंग की गई और बयान दर्ज किए गए।
8वीं कक्षा की छात्रा ने बाल कल्याण समिति के समक्ष अपने बयान में कहा कि उसे अपने दादा-दादी और चाचा-चाची के साथ ही रहने की इच्छा है। समिति ने उसकी भावनाओं का सम्मान करते हुए उसे दादी के साथ घर भेजने का निर्णय लिया।

बाल कल्याण समिति की कार्रवाई
बाल कल्याण समिति के सदस्य शंभू मांगरोदा ने बताया कि चाची से आज पूछताछ की जाएगी। टीआई रवींद्र दंड़ोतिया ने पुष्टि की कि चाची के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज कर लिया गया है और बच्ची से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चाची की मारपीट की वजह
बच्ची ने अपने बयान में कहा, "मैंने गलती की थी। चाची डांट रही थी और जोर से चिल्लाई तो मैंने चाची के ऊपर हाथ उठा दिया, जिससे चाची ने मुझे मारा। इसके बाद से हम सब कुछ भूल गए। मैं दादा-दादी और चाचा-चाची के साथ ही रहना चाहती हूं। मां का चार-पांच साल पहले पिता से तलाक हो चुका है और उसने दूसरी शादी कर ली है। मेरी एक बहन है जिसे मेरी मां लेकर चली गई है। मुझे कोई कार्रवाई नहीं करनी है।"
चाचा का वीडियो बयान
इस बीच, बच्ची के चाचा ने भी एक वीडियो जारी किया है। बजरंग दल के जिला सह संयोजक ने गुरुवार देर रात सोशल मीडिया पर 27 सेकंड का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बच्ची की मारपीट के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट की।

दादी ने कहा: वीडियो चाची के घरवालों को भेजा था
बाल कल्याण समिति के सामने दादी ने अपने बयान में खुलासा किया कि उसने चाची के घरवालों को वीडियो भेजा था। समिति के सदस्य शंभू मांगरोदा ने बताया कि दादी ने वीडियो इसलिए बनाया और भेजा ताकि चाची के परिवार को सूचित किया जा सके कि वह बच्ची को इस तरह से मार रही है, और उन्हें चाची को समझाने की कोशिश की जा सके। हालांकि, दादी ने यह भी कहा कि वीडियो के वायरल होने की जानकारी उसे नहीं है।
जब दादी से पूछा गया कि मारपीट के दौरान उसने बच्ची को क्यों नहीं बचाया, तो दादी ने जवाब दिया कि हाल ही में उसका ऑपरेशन हुआ था। उसने कहा कि वह अहमदाबाद या बड़ौदा से लौट रही थी, और इस कारण वह तुरंत दखल नहीं दे पाई। दादी ने यह भी कहा कि वीडियो पुराना है और घटना के दौरान बच्ची ने अचानक चाची पर हाथ उठाया, जिससे चाची गुस्से में आ गई।
मां का पता हरियाणा और मुंबई
बाल कल्याण समिति ने चाची को शुक्रवार को अपने समक्ष पेश करने के लिए बुलाया था, क्योंकि वह रतलाम में नहीं थी। बाल कल्याण समिति के सदस्य शंभू मांगरोदा ने बताया कि नाना के परिवार से कोई भी सदस्य समिति के सामने नहीं आया है। दादी ने नाना और नानी का पता नहीं होने की बात कही, जबकि मां का पता हरियाणा और मुंबई के बीच बदलता रहता है।
बालिका के बयान की वीडियोग्राफी नहीं कराई गई है। बाल कल्याण समिति ने बालिका के बयान लिखित रूप में लिए हैं। समिति के सदस्य मांगरोदा ने स्पष्ट किया कि समिति के पास बयान की वीडियोग्राफी करने का कोई प्रावधान या व्यवस्था नहीं है। केवल लिखित बयान ही स्वीकार किए जाते हैं। बालिका ने लिखित में कहा है कि वह दादा-दादी और चाचा-चाची के साथ ही रहना चाहती है, इसीलिए उसे दादी के पास भेज दिया गया है। 27 अगस्त को बालिका को फिर से बुलाया जाएगा और उसकी स्थिति की लगातार निगरानी की जाएगी।












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