MP News: रेत माफिया का दुस्साहस, नायब तहसीलदार पर ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश, आरोपी रवेंद्र उर्फ नेपाली फरार
MP news: मध्य प्रदेश के मैहर जिले के कुबरी गांव में रेत माफिया के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्होंने नायब तहसीलदार रोशन रावत पर जानलेवा हमला करने की कोशिश की। शुक्रवार, 4 जुलाई 2025 को दोपहर करीब 12 बजे हुई इस घटना में रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को नायब तहसीलदार द्वारा रोकने की कोशिश के दौरान आरोपी रवेंद्र उर्फ नेपाली ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास किया।
गनीमत रही कि तहसीलदार बाल-बाल बच गए, लेकिन इस हमले में कुछ ग्रामीणों को चोटें आईं। आरोपी घटना के बाद तेज रफ्तार ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया, और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।

क्या है पूरा मामला?
घटना मैहर जिले के कुबरी गांव की है, जहां नायब तहसीलदार रोशन रावत एक भूमि विवाद के सिलसिले में सीमांकन के लिए पहुंचे थे। इस विवाद में गांव की निवासी मुन्नी बाई रजक और अन्य पक्षों के बीच रास्ते को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी। रोशन रावत ने बताया कि सीमांकन के लिए गांव पहुंचने पर उन्होंने रास्ते में रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को देखा, जो अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही थी। उन्होंने ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने उनकी बात अनसुनी कर दी। तभी सामने से आ रही एक अन्य गाड़ी के कारण ट्रैक्टर को मजबूरन रुकना पड़ा।
रोशन रावत ने बताया, "मैं अपनी गाड़ी से उतरकर ट्रैक्टर चालक से बात करने गया। तभी पीछे से चालक के पिता, रवेंद्र उर्फ नेपाली, आया और उसने ट्रैक्टर स्टार्ट कर मुझ पर और वहां मौजूद लोगों पर चढ़ाने की कोशिश की।" इस हमले में नायब तहसीलदार ने भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन इस दौरान कुछ ग्रामीण गिर गए और उन्हें चोटें आईं। घटना के समय गांव के 40 से 50 लोग मौके पर मौजूद थे, जिन्होंने इस दुस्साहस को अपनी आंखों से देखा।
पुलिस कार्रवाई और आरोपी की तलाश
घटना के तुरंत बाद नायब तहसीलदार ने अमरपाटन की एसडीएम आरती सिंह और रामनगर थाना प्रभारी को सूचित किया। रामनगर थाने में रवेंद्र उर्फ नेपाली और ट्रैक्टर चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है, लेकिन रवेंद्र और उसका बेटा, जो ट्रैक्टर चला रहा था, घटना के बाद से फरार हैं। रामनगर थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
रेत माफिया का बढ़ता आतंक
यह घटना मध्य प्रदेश में रेत माफिया के बढ़ते आतंक का एक और उदाहरण है। हाल के वर्षों में, राज्य के विभिन्न हिस्सों में रेत माफिया द्वारा अधिकारियों पर हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं। उदाहरण के लिए:
सिंगरौली (2024): एक आदिवासी किसान को रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला। इस मामले में युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष लाले वैश्य और रामधनी यादव को आरोपी बनाया गया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
राजगढ़ (2024): नायब तहसीलदार सुरेश सिंह पर रेत माफिया ने ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की और धमकी दी कि भविष्य में ट्रैक्टर रोकने पर उन्हें कुचल दिया जाएगा।
शहडोल (2024): एएसआई महेंद्र बागरी को रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की, जिसमें दो आरोपी गिरफ्तार हुए, लेकिन मुख्य आरोपी सुरेंद्र सिंह फरार रहा।
इन घटनाओं से साफ है कि रेत माफिया न केवल अवैध खनन में लिप्त हैं, बल्कि सरकारी अधिकारियों और ग्रामीणों पर हमला करने से भी नहीं हिचकते। मैहर की इस ताजा घटना ने एक बार फिर प्रशासन के सामने रेत माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित किया है।
प्रशासन के सामने चुनौती
मैहर की इस घटना ने एक बार फिर रेत माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की कमी को उजागर किया है। मध्य प्रदेश में रेत खनन पर रोक लगाने के लिए कई बार अभियान चलाए गए हैं, लेकिन माफिया के हौसले कम होने का नाम नहीं ले रहे। नायब तहसीलदार रोशन रावत पर हमला इस बात का सबूत है कि रेत माफिया अब सरकारी अधिकारियों को भी निशाना बनाने से नहीं डरते।
प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या रवेंद्र उर्फ नेपाली और उसके बेटे को जल्द पकड़ा जा सकेगा? साथ ही, रेत माफिया के इस आतंक को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे? यह घटना मध्य प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ा अलार्म है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।












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