MP News: अवैध अतिक्रमण और निर्माण के खिलाफ विशेष अभियान, 5000 वर्गफीट से ऊपर के निर्माण की होगी जांच
एमपी के शहरी क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण और बिना अनुमति अतिरिक्त निर्माण को हटाने के लिए 1 अप्रैल से विशेष अभियान चलाया जाएगा।

मध्यप्रदेश में नगरी प्रशासन अवैध निर्माणों और अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई करने वाला है। इसके तहत नए और पुराने भवनों की बिल्डिंग परमिशन की जांच की जाएगी। इसके लिए राज्य के सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल से विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिसके तहत शहरी क्षेत्र के समस्त निर्माण कार्यों का चिन्हांकन उनकी जांच की जाएगी और अवैध निर्माण पाया जाता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल सीएम शिवराज द्वारा अवैध कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा के बाद राजधानी भोपाल सहित कई शहरों में खेती की जमीन पर धड़ल्ले से प्लॉटिंग की जा रही है। अवैध निर्माण शहरों के विकास में बाधक बन रहे हैं और अवैध निर्माण के चलते बारिश में जलभराव की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। लगातार आ रही अवैध कंट्रक्शन की शिकायतों को देखते हुए नगरी प्रशासन विभाग सख्त हो गया और उसने 1 अप्रैल से विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत 5000 वर्ग फीट से अधिक एरिया में बने भवनों की बिल्डिंग परमिशन की जांच की जाएगी। यदि बिल्डिंग परमिशन के अलावा अवैध निर्माण किया है तो उस पर कार्रवाई होगी।
एबीपास सॉफ्टवेयर
बता दे भवन अनुज्ञा के लिए संचालित एबीपास सॉफ्टवेयर ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के अंतर्गत के देखने में आया कि अधिकतर कंपाउंडिंग फीस type-2 के प्रकरण नागरिकों द्वारा खुद ही आवेदन कराए गए हैं, लेकिन निकाय के भवन अनुज्ञा अतिक्रमण से जुड़े अमले द्वारा अवैध भवनों का चिन्हांकन कंपाउंडिंग फीस/प्रशमन की कार्रवाई कम की गई है। अब सभी वार्ड प्रभारी, भवन अनुज्ञा प्रभारी, अतिक्रमण प्रभारी को अवैध निर्माणों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने किया निर्देशित
नगरी प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने सभी निकायों को निर्देशित किया है कि विशेष अभियान चलाकर अवैध निर्माण गतिविधियों की जांच कराई जाए। साथ ही उस पर तुरंत कार्रवाई भी की जाए। बता दें कि शहरी क्षेत्रों के फैलाव और बढ़ती जनसंख्या के कारण आवासों में हो रही वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
5 हजार वर्ग फीट से अधिक निर्माण कार्य की होगी जांच
शहरी क्षेत्र में 5 हजार वर्ग मीटर से अधिक सभी निर्माणाधीन, निर्मित भवनों की भवन अनुज्ञा का अनिवार्य निरीक्षण कर सुनिश्चित किया जाएगा कि उक्त निर्माण कार्य नगरी निकाय द्वारा जारी भवन अनुज्ञा के अनुसार हुआ है या नहीं। अगर उक्त निर्माण कार्य बिना अनुमति अथवा प्रविधानों के तहत नियम अनुसार कंपाउंडिंग फीस योग्य है, तो उनकी नियम अनुसार कंपाउंडिंग की जाएगी और जो प्रकरण कंपाउंडिंग योग्य नहीं है, उनके विरोध नियम अनुसार अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications