Betul News: ऑयल लिमिटेड फैक्ट्री में बड़ा हादसा: टैंक की सफाई के दौरान दो मजदूरों की मौत, जहरीली गैस की आशंका
MP News: बैतूल जिले की एक खाद्य तेल निर्माण कंपनी, ऑयल लिमिटेड में शनिवार रात एक दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई। घटना टैंक की सफाई के दौरान हुई, जब दोनों मजदूर टैंक में बेहोश पाए गए।
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों की जान जा चुकी थी। मृतकों की पहचान कैलाश पानकर (53) और दयाराम नरवरे (56) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में टैंक में जहरीली गैस से दम घुटने का कारण सामने आया है।

रात की शिफ्ट में उतरे थे मजदूर, अगली शिफ्ट में मिली लाशें
घटना शनिवार रात की शिफ्ट में करीब 4 बजे से 12 बजे के बीच हुई। फैक्ट्री के कर्मचारियों ने बताया कि टैंक की सफाई हर दो महीने में नियमित रूप से होती है। हादसे के वक्त दोनों मजदूर टैंक में काम कर रहे थे। जब तीसरी शिफ्ट में कर्मचारी पहुंचे, तो दोनों मजदूर नजर नहीं आए। काफी देर ढूंढने के बाद दोनों को टैंक में गिरा पाया गया। तत्काल पुलिस और एसडीआरएफ को सूचना दी गई।
बचाने पहुंचे, लेकिन जान नहीं बची
एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और दोनों मजदूरों को टैंक से बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि टैंक में जहरीली गैस जमा होने से दोनों का दम घुटा होगा, हालांकि फैक्ट्री प्रबंधन ने गैस लीक जैसी स्थिति से इनकार किया है।
फैक्ट्री प्रबंधक बोले- "गैस जैसी कोई स्थिति नहीं थी"
फैक्ट्री प्रबंधक अजय मिश्रा ने कहा कि टैंक में जहरीली गैस जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन घटना के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों मृतक फैक्ट्री के परिवार का हिस्सा थे और उनके परिजनों को हरसंभव मदद दी जाएगी।
एचआर मैनेजर ने बताया हादसे का विवरण
एचआर मैनेजर अजय मिश्रा ने बताया कि कैलाश और दयाराम दोनों हेल्पर थे और शाम की शिफ्ट में सफाई कार्य के लिए टैंक में उतरे थे। रात 12 बजे जब शिफ्ट बदलने का समय हुआ और दोनों नहीं दिखे, तो कर्मचारियों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के बाद दोनों मजदूर टैंक में मृत मिले।
परिजनों ने उठाई मुआवजे की मांग
मृतक कैलाश की पत्नी सीमा ने कंपनी से 25 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चों की शिक्षा, पालन-पोषण और अन्य खर्चों की जिम्मेदारी कंपनी को उठानी चाहिए। सीमा ने कहा कि कैलाश ही पूरे परिवार का एकमात्र सहारा थे।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश, कंपनी से मांगा स्पष्टीकरण
हादसे के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाए हैं और मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। कंपनी से घटना के संबंध में सुरक्षा उपायों और घटना के समय की परिस्थितियों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस भी घटना की जांच कर रही है।
पूर्व विधायक के परिवार से जुड़ी है फैक्ट्री
यह ऑयल लिमिटेड फैक्ट्री सोयाबीन से खाद्य तेल 'सरस' बनाती है, जो बाजार में बिकता है। फैक्ट्री का संचालन पूर्व विधायक स्वर्गीय विनोद डागा और पिछली बार बैतूल विधायक रहे निलय डागा के परिवार से जुड़ा हुआ है। हालांकि, फिलहाल निलय डागा फैक्ट्री के डायरेक्टर्स में शामिल नहीं हैं।
सवालों के घेरे में फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद फैक्ट्री की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सफाई के समय पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और गैस मॉनिटरिंग की व्यवस्था नहीं थी। वहीं, प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में लापरवाही साबित हुई तो कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, इस दर्दनाक हादसे ने मृतकों के परिवारों को गहरा सदमा दिया है और फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों में भी डर का माहौल है।












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