आधार कार्ड का ये इस्तेमाल करने जा रही है मध्य प्रदेश की पुलिस

भोपाल। अपराधियों को ट्रैक करने के लिए मध्य प्रदेश की पुलिस अब आधार कार्ड का सहारा लेगी। अपराधियों और उनके क्रिमिनल रिकॉर्ड की जानकारी के लिए पुलिस उनके आधार नंबर क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) में लिंक करने जा रही है।
पुलिस ने राज्य सरकार से इस प्रक्रिया के लिए अनुमति मांगी है। पुलिस का मानना है कि इससे न सिर्फ अपराधियों का पूरा रिकॉर्ड सामने आएगा बल्कि उन लोगों का भी पता चल पाएगा जो गलत तरीकों से पासपोर्ट के लिए अप्लाई करते हैं।
ये भी है एक वजह
एसपी पुलिस हेडक्वार्टर अनिल माहेश्वरी ने कहा, 'आधार नंबर लिंक होने से अपराधियों की पहचान आसान होगी। वर्तमान में सही अपराधी को पहचानना काफी मुश्किल होता है क्योंकि एक इलाके में एक ही नाम के कई लोग मिलते हैं। ऐसे में हर किसी की दरवाजा खटखटाकर पहचान नहीं की जा सकती।' उन्होंने कहा कि जो लोग फर्जी पासपोर्ट के लिए अप्लाई करते हैं उनका भी पता चल सकेगा।
फिंगर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम भी आएगा
आईजी स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो मोहम्मद शाहिद अबसार ने कहा, 'हम एक ऑटोमैटिक फिंगर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम भी ला रहे हैं जो CCTNS से लिंक किया जाएगा। इसके जरिए भी अपराधियों की पहचान आसान होगी।'
RPO ने बताई अपनी समस्या
रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर मनोज कुमार राय ने भी बताया कि उन्होंने पहले हुई कई बैठकों में फर्जी पासपोर्ट का मसला उठाया है। आपराधिक छवि वाले लोग दूसरे राज्यों में खुद को बसाने के लिए फर्जी पासपोर्ट का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
यूपीए सरकार ने की थी शुरुआत
साल 2009 में यूपीए सरकार ने CCTNS की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य था कि सभी थाने आपस में कनेक्टेड रहें, ताकि वह डाटा एक्सेस कर सकें। यह दो राज्यों में पुलिस स्टेशनों के बीच डाटा ट्रांसफर का भी एक आसान जरिया है।












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