Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: मातम में डूबा रतलाम, एक साथ उठीं 8 अर्थियां, परिजनों की चीखों से कांप उठा गांव

MP News Ratlam: रविवार को मंदसौर के नारायणगढ़ क्षेत्र में जो हुआ, उसने मध्य प्रदेश के तीन जिलों - रतलाम, उज्जैन, और मंदसौर - को एक साथ शोक में डुबो दिया। दोपहर के करीब 1 बजे एक ईको वैन बाइक से टकराकर कुएं में जा गिरी, और पलभर में हँसता-खेलता परिवार मातम में बदल गया। इस हादसे में 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो बच्चों समेत चार लोग घायल हुए हैं।

मरने वालों में 8 लोग रतलाम जिले के थे, जबकि उज्जैन और मंदसौर जिले के दो-दो लोग हादसे का शिकार हुए। वे सभी नीमच जिले के मनासा क्षेत्र स्थित आंतरी माता मंदिर के दर्शन के लिए निकले थे, पर नियति उन्हें वहां तक नहीं पहुंचने देना चाहती थी।

8 bodies were taken out together in Ratlam 4 were cremated in Ujjain-Mandsaur in mp

एक गांव से एक साथ उठीं 6 अर्थियां, हर घर में मातम

सोमवार सुबह जब रतलाम के खोजनखेड़ा गांव में एक साथ 6 अर्थियां उठीं, तो हर आंख नम थी, हर चेहरा स्तब्ध। एक ही गांव के छह घरों में चूल्हे नहीं जले, केवल मातम था। ग्रामीणों ने शायद ही ऐसा दृश्य पहले कभी देखा हो। पिपलिया और सुरजना गांव से भी एक-एक शवयात्रा निकली, वहीं उज्जैन और मंदसौर में भी 2-2 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया।

शवों को रविवार शाम मंदसौर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद उनके घरों के लिए रवाना किया गया था। जिस वाहन में वे जिंदगी की खुशियों की तलाश में निकले थे, वही उन्हें काल के मुंह तक ले गया।

कैसे हुआ हादसा? चश्मदीद ने बताया दर्दनाक मंजर

घायल देवेंद्र गहलोत, जो मुश्किल से बच पाया, बोला -"हम उज्जैन के हराखेड़ी से माता के दर्शन के लिए निकले थे। मम्मी, नानी और मामा साथ थे। अचानक एक बाइक वाला सामने से आ गया। टक्कर होते ही गाड़ी सीधे कुएं में गिर गई। सब चिल्ला रहे थे। मैं बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था कि कोई मुझे खींचकर खाट तक ले गया। फिर मुझे ऊपर खींचा गया और अस्पताल लाया गया। उसके बाद क्या हुआ, मुझे कुछ नहीं पता।"

देवेंद्र की आंखों में अपने परिवार को खोने का जो डर था, वह किसी भी संवेदनशील इंसान की आत्मा को झकझोर देने के लिए काफी था।

मौत का कुआं: जहां गिरे, वहीं सिमट गई ज़िंदगी

हादसा नारायणगढ़ थाना क्षेत्र के बूढ़ा-टकरावद फंटे के पास हुआ। ईको वैन और बाइक में टक्कर होते ही वैन बेकाबू होकर पास के गहरे कुएं में जा गिरी। वैन में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें से 10 की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक सवार युवक और एक अन्य व्यक्ति, जो बचाव के लिए कुएं में उतरा था, उसकी भी जान चली गई। कुएं में उतरने वाले मनोहर सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बिना 2-3 लोगों को बाहर निकाला, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आकर उनकी भी मौत हो गई।

8 bodies were taken out together in Ratlam 4 were cremated in Ujjain-Mandsaur in mp

रेस्क्यू ऑपरेशन: प्रशासन नेझोंकी पूरी ताकत

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से लोग भागे-भागे मौके पर पहुंचे। बिना किसी औपचारिक मदद के, उन्होंने रेस्क्यू की शुरुआत की। थोड़ी ही देर में पुलिस, प्रशासन, और एसडीईआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। रस्सियों और क्रेनों के सहारे लोगों को बाहर निकाला गया। पूरे ऑपरेशन के दौरान मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा खुद मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने बताया - "16 लोग इस हादसे में शामिल थे। सबसे पहले बच्चों को निकालकर अस्पताल भेजा गया। गाड़ी निकालने में बहुत मशक्कत करनी पड़ी। यह हादसा बेहद दुखद और असहनीय है।" कलेक्टर अदिति गर्ग, एसपी अभिषेक आनंद, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर तैनात रहे।

MP News Ratlam: मंदसौर, रतलाम और उज्जैन - तीन जिलों में पसरा मातम

  1. रतलाम: खोजनखेड़ा गांव में मातम का आलम ये था कि एक ही मोहल्ले में लगातार छह शव रखे गए थे। ग्रामीणों ने बताया कि इन परिवारों ने साथ में जाने की योजना बनाई थी, और एक साथ ही वे चले भी गए।
  2. उज्जैन: हराखेड़ी क्षेत्र से आए दो परिवार इस हादसे में उजड़ गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर जाने की तैयारी दो दिन से चल रही थी।
  3. मंदसौर: इस जिले के दो लोगों की भी इस दर्दनाक हादसे में जान गई। प्रशासन ने मृतकों के परिवार को आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।

सवाल जो पीछे छोड़ गया हादसा

  • क्या गाड़ी में क्षमता से अधिक लोग सवार थे?
  • क्या सड़क की हालत या संकेतों की कमी हादसे का कारण बनी?
  • क्या कुएं के आसपास सुरक्षा दीवार या चेतावनी चिन्ह नहीं था?
  • यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा, ओवरलोडिंग, और संरक्षण इंतजामों की कमी पर सवाल खड़े कर गया है।

MP News Ratlam: एक हादसा, दर्जनों ज़िंदगियां तबाह

रविवार का दिन इन परिवारों के लिए कभी ना भूलने वाली त्रासदी लेकर आया। एक धार्मिक यात्रा का सपना, एक पल में कब्रगाह का सफर बन गया। अब रह गई हैं सिर्फ यादें, और गांव के हर घर में मातम की गूंज। सरकार और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और संवेदना सराहनीय है, लेकिन सवाल है - क्या ऐसी घटनाओं से हम सबक लेंगे? क्या अगली बार कोई वैन बिना सुरक्षा के यूं ही सफर नहीं करेगी?

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+