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Ratlam News: लोन लेने से पहले यह खबर जरूर पढ़ें, कैसे आठवीं पास ने खोली फर्जी फाइनेंस कंपनी

मध्य प्रदेश की रतलाम पुलिस ने एक ऐसे शातिर जाल साज का भंडाफोड़ किया है, जो लोन के नाम पर लोगों से ठगी कर रहा था। 52 वर्षीय मोहम्मद फारूक फर्जी फाइनेंस कंपनी बनाकर अब तक 122 लोगों से लाखों रुपए का फ्रॉड कर चुका है।

आरोपी मोहम्मद फारूक लोगों को लोन दिलाने का झांसा देता फिर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजार रुपये एक लेता था 45 दिन में रकम बैंक खाते में आने का वादा करता था, लेकिन 40 दिन में ही वह अपने दफ्तर का सामान समेट कर फरार हो जाता था। यह आरोपी अब तक छह राज्यों में लोगों को झांसे में लेकर लाखों रुपए की ठगी कर चुका है।

52 year old Mohammad Farooq opened a fake finance company in Ratlam

6 जुलाई को रतलाम पुलिस ने उसे राजस्थान के सीकर जिले से गिरफ्तार किया है फिलहाल आरोपी जेल में है पुलिस टीम उसे और कई बड़े खुलासे करने के लिए पूछताछ कर रही है। आरोपी लोगों से ठगी करने के बाद पैसा आईपीएल के सट्टा बाजार में लगता था।

कैसे करता था ठगी

आरोपी फारूक ने लोन लेने की प्रक्रिया गुजरात में सखी इसके बाद पहली बार उसने सूरत में फर्जी फाइनेंस कंपनी खोली बाकायदा लोगों को नौकरी पर रखा और दफ्तर भी खोला इसके बाद वह नौकरी में रखे गए लोगों को जरूरतमंदों के पास भेजता था, जिन्हें लोन की जरूरत होती थी। इस तरह उसने पहले फ्रॉड सूरत में किया।

एनआरआई की बिल्डिंग में किराए का ऑफिस खोला

आरोपी मोहम्मद फारूक के खिलाफ 1 फरवरी 2024 को रतलाम स्टेशन रोड पर गिरीश पिता उत्तमचंद मेहता निवासी मगनलाल ने शिकायत की। उन्होंने पुलिस को बताएं कि 2023 में मोहम्मद फारूक नाम के व्यक्ति ने फाइनेंस कंपनी खोलने के लिए उनकी बिल्डिंग किराए पर ली और एग्रीमेंट भी किया, लेकिन वो 40 दिन बाद भाग गया

पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि मोहम्मद फारूख ने गेट ग्लोबल नाम से फाइनेंस कंपनी खोली आलीशान ऑफिस में फर्नीचर और कंप्यूटर भी लगाए इसके अलावा उसने कर्मचारियों की भर्ती के लिए विज्ञापन भी निकाला और महाराष्ट्र बैंक में अकाउंट भी खुलवाया।

कर्मचारी रखकर करता था ठगी

मोहम्मद फारूक अखबारों में लोन दिलाने के विज्ञापन देता था और कर्मचारियों को गांव-गांव भेज कर जरूरतमंद लोगों से संपर्क करने के लिए कहता था इसके लिए वह कर्मचारियों को हर महीने ₹10000 की सैलरी देता था। उसने भोले भाले लोगों को ठगने के लिए 10 से 12 लड़के रखे हुए थे। सभी लड़के गांव-गांव जाकर लोगों को लोन के बारे में बताते थे। फिर लोगों को झांसा देने का खेल शुरू हो जाता था। लोन पास करने की प्रोसेसिंग फीस के नाम पर वह लोगों से 18 हजार रुपए की एक्स्ट्रा राशि वसूलत था।

आरोपी इतना शातिर था कि पर्सनल लोन से सभी प्रकार के कर्ज देने का वादा करता था। हाउस लोन के लिए कर्ज 2%, एग्रीकल्चरल लोन के लिए 1% पर्सनल लोन और बिजनेस लोन के लिए 3% मॉर्टगेज पर 4% तक का कमीशन वसूलत था सभी कस्टमर से लोन पास होने में 45 दिन का समय मांगता था और फारूक इसके पहले ही 40 दिन के अंदर फरार हो जाता था।

कैसे पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी फारूक

पुलिस ने गिरीश की शिकायत की आधार पर जब मामले की जांच शुरू की तो पुलिस ने पाया कि राजस्थान के सीकर जिले में ऐसा एक आदमी विज्ञापन छाप कर लोगों को लोन लेने के लिए संपर्क करने के लिए कहता है। पुलिस ने जब अखबार के विज्ञापन कंगाल तो उन्हें सीकर के अखबार में फारूक द्वारा छपवाया हुआ विज्ञापन दिखा। इस पर दिए कांटेक्ट नंबर पर पुलिस ने संपर्क किया और जल बेचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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