MP News: दिवाली से पहले 300 किलो नकली मावा जब्त, नर्मदापुरम बस स्टैंड पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
MP News: दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग ने नर्मदापुरम बस स्टैंड पर एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक बस से 300 किलो नकली मावा जब्त किया है। यह मावा भोपाल से नर्मदापुरम के भौंरा के लिए बुक किया गया था। यह कार्रवाई रात करीब 9:30 बजे शुरू हुई और रात 11 बजे तक जारी रही।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई की शुरुआत एक मुखबिर की सूचना से हुई, जिसने बताया कि एक यात्री बस में भारी मात्रा में मावा रखा गया है। सूचना मिलते ही एसडीएम नीता कोरी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम बस स्टैंड पहुंची और संबंधित बस की जांच की। जांच के दौरान 10 बोरियों में रखे गए मावे को जब्त किया गया, प्रत्येक बोरी का वजन 30 किलो था, जिसमें 10-10 किलो के तीन पैकेट रखे गए थे।

स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मावे के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भेज दिया है। अन्य जब्त किए गए मावे को कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया है। बताया गया है कि जब्त मावा मिलावटी है और इसमें वनस्पति तेल, पाम ऑयल, शक्कर और रंग का उपयोग किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश दियावार ने चेतावनी दी है कि व्यापारी इस मिलावटी मावे को हल्का गर्म और ठंडा करके मिठाई बनाने के लिए उपयोग करते हैं, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है।
संभावित सप्लाई चेन की जांच
विभाग अब इस नकली मावे की सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटा है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि नर्मदापुरम, भोपाल, और बैतूल में कौन-कौन सी दुकानों पर इस मावे की सप्लाई होती है।
ब्रांड का खुलासा
जब्त किए गए मावे की पैकेजिंग पर "श्री कृष्ण स्वीट्स, दहेग्राम, जिला गांधीनगर, गुजरात" का नाम लिखा है। पैकेजिंग पर 23 और 24 अक्टूबर की पैकिंग तारीख भी अंकित है। इसके अलावा, मावा को माइनस 10 डिग्री सेल्सियस पर 6 महीने तक बिना सड़े रहने की बात भी लिखी गई है, जो इसे और भी संदेहास्पद बनाता है।
भौंरा में बीकानेर स्वीट्स के संबंध में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग ने नर्मदापुरम बस स्टैंड पर जब्त किए गए 300 किलो नकली मावे के संबंध में नई जानकारी हासिल की है। अधिकारियों का मानना है कि यह मावा संभवतः भौंरा के बीकानेर स्वीट्स के लिए भेजा गया था। जांच के दौरान, बस के कंडक्टर के पास रिसीव करने वाले का फोन नंबर मिला था। जब इस नंबर पर कॉल किया गया, तो उन्होंने बताया कि मिठाई पकड़ाई है, लेकिन जब यह पूछा गया कि यह मावा किसका है, तो कॉल तुरंत कट गया।
ट्रूकॉलर एप से मिले सुराग
ट्रूकॉलर एप के जरिए जब नंबर की जांच की गई, तो वह बीकानेर स्वीट्स के नाम से सामने आया। इस जानकारी के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले की जांच तेज कर दी है। विभाग ने अलग-अलग सैंपल लेकर उन्हें भोपाल की लैब में जांच के लिए भेजा है। रिपोर्ट 15 दिन में आएगी, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मिठाई की शुद्धता की जांच के लिए सलाह
खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि मिठाई खरीदते समय उनकी शुद्धता की जांच अवश्य करें। विभाग ने इस संदर्भ में तत्काल जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई है, जिससे किसी भी संदेह की स्थिति में लोग सीधे संपर्क कर सकते हैं।
550 किलो मावे का अनसुलझा मामला
इसके साथ ही, नर्मदापुरम के फूड सेफ्टी ऑफिसर ने हाल ही में सोहागपुर में शंकर मंदिर के पास एक लोडिंग ऑटो से 550 किलो मावा पकड़ा था। लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी अधिकारी इस मावे के मालिक का पता नहीं लगा पाए हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह मावा किस दुकान पर खपाने के लिए ले जाया जा रहा था।












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