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Bhopal News: ट्रांसप्लांट के लिए बनाए गए दो ग्रीन कॉरिडोर, किसान महेश नामदेव के बेटों ने किया अंगदान

MP News: मानवता को समर्पित महेश कुमार नामदेव जी उम्र 59 साल अचानक बीमार होने पर जिला सागर के महाराजपुर ग्राम से भोपाल के सिद्धांता अस्पताल लाया गया, जहां उनके उचित उपचार के उपरांत रिकवर होने के बाद अचानक ब्रेन हेमरेज होने पर जांच के बाद ब्रेन डेड घोषित किया गया।

इसके बाद किरण फाऊंडेशन के सहयोग से मृतक की अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनके परिवार द्वारा मानवता की मिसाल पेश की गई और उनके अंगों लीवर एवं दोनों किडनी का दान करके तीन जरूरतमंद पीड़ितों को अंग प्रत्यारोपित किए गए और यह कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

2 green corridors to donate liver and kidney of Mahesh Namdev brain dead patient

लिवर, बंसल हॉस्पिटल और किडनी, चिरायु हॉस्पिटल ट्रांसप्लांट के लिए ले जाया गया। एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक बंसत कौल ने बताया कि बंसल हॉस्पिटल की पहली टीम दोपहर के लगभग 2.30 बजे लिवर लेकर सिद्धांता हॉस्पिटल से रवाना हुई। उन्होंने तय किया कि यह 3.5 किमी का सफर चार मिनट में पूरा करेगी। दूसरी टीम ने 2.35 बजे किडनी लेकर चिरायु मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना हुई, जो 17 किमी की दूरी को 13 मिनट में तय कर लिया। किडनी का ट्रांसप्लांट सिद्धांता हॉस्पिटल में ही एक मरीज को किया जाएगा। दोनों टीमों के रवाना होने के करीब 10 मिनट बाद महेश नामदेव की पार्थिव देह उनके परिजनों को सौंप दी गई। परिजन शव लेकर सागर के लिए रवाना हो गए।

2 green corridors to donate liver and kidney of Mahesh Namdev brain dead patient

सिद्धांता रेडक्रॉस हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ सुबोध वार्ष्णेय ने बताया कि सागर के रहने वाले 53 वर्षीय महेश नामदेव, जिन्हें हार्ट अटैक से ठीक हो गए थे, भोपाल ब्रेन हेम्ब्रेज के इलाज के लिए आए थे। उन्हें 5 दिन पहले भर्ती किया गया था लेकिन इलाज के दौरान उनके ब्रेन में ज्यादा ब्लीडिंग होने से वे कोमा में चले गए और मंगलवार को उनका ब्रेन डेड हो गया।

मरीज के परिजनों ने मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद उनकी लिवर और किडनी का डोनेशन करने की मंशा जाहिर की। इसके बाद, तय प्रोटोकॉल के अनुसार, मेडिकल एक्सपर्ट की कमेटी ने मरीज महेश नामदेव को ब्रेन डेड घोषित किया। इसके साथ ही, नेशनल टिस्यू एंड ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन (NOTTO) को पेशेंट की रिपोर्ट भेजी गई।

NOTTO ने मरीज के लिए इस तरह की स्वीकृति दी है कि उनकी लिवर को बंसल हॉस्पिटल में, और उनकी एक किडनी को चिरायु हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज और एक किडनी को सिद्धांता रेडक्रॉस हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट करने की मंजूरी दी है।

2 green corridors to donate liver and kidney of Mahesh Namdev brain dead patient

पिताजी करते थे खेती

महेश नामदेव के बेटे सचेंद्र नामदेव ने बताया कि हम लोग सागर के महाराज के रहने वाले हैं और पिताजी खेती करते थे। मंगलवार को उनकी तबीयत खराब हुई और उन्हें सागर के भाग्योदय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर्स ने हार्ट अटैक का बताया। उन्हें लेकर हम भोपाल के सिद्धांता अस्पताल पहुंचे, जहां उनको एंजियोप्लास्टी की स्थिति थी। वे दो-तीन दिन तक ठीक रहे, लेकिन छुट्टी के दिन उन्हें ब्रेन हेम्ब्रेज हो गया। उनकी सर्जरी भी की गई थी, लेकिन ज्यादा ब्लीडिंग के कारण उनके पिताजी का निधन हो गया।

49 वर्षीय मरीज को लिवर ट्रांसप्लांट करने की योजना बनाई गई है, जिसके लिए महेश नामदेव का लिवर बंसल हॉस्पिटल में भर्ती करोंद निवासी 49 वर्षीय मरीज को ट्रांसप्लांट किया जाएगा। मरीज को डॉक्टर्स ने एक साल पहले लिवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी, लेकिन आर्गन डोनर नहीं मिलने के कारण सर्जरी में देरी हो गई थी। हॉस्पिटल में मरीज की सर्जरी लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ गुरसागर सिंह सहोता करेंगे।

प्रदेश के इतिहास में पहली इतना लंबा ग्रीन कॉरिडोर

मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार एक लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है, जिसकी लंबाई करीब 350 किलोमीटर है। इस कॉरिडोर के जरिए जबलपुर से सड़क मार्ग के जरिए एक ब्रेनडेड मरीज का लिवर भोपाल लाया गया। डॉक्टरों की टीम ने गुरुवार रात करीब 10.31 बजे लिवर लेकर भोपाल के लिए रवाना हुई, और इस सफर को करीब चार घंटे में पूरा किया।

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