लुधियाना में एडवांस-इंक्रीमेंट देने पर भी क्यों नहीं लौट रहे 4 लाख कर्मचारी? मनाने गांव-गांव जा रहे मैनेजर
Ludhiana Worker Crisis: पंजाब की आर्थिक राजधानी लुधियाना की तस्वीर ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरी तरह बदल गई है। यहां की फैक्ट्रियों में मशीनों की रफ्तार थम गई है। कभी सस्ती मजदूरी में भी सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके मजदूर आसानी से काम पर पहुंच जाते थे। आज स्थिति यह है कि एडवांस सैलरी व इंक्रीमेंट की पेशकश के बावजूद वे काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।
दरअसल, लुधियाना होजरी (Hosiery) और टेक्सटाइल (Textile) उद्योग का एक प्रमुख केंद्र है। विशेष रूप से ऊनी वस्त्रों के लिए लुधियाना को 'भारत का मैनचेस्टर' भी कहा जाता है। 30 अप्रैल 2025 तक लुधियाना की लगभग 45 हजार फैक्ट्रियों में करीब 12 लाख मजदूर कार्यरत थे। इनमें सर्वाधिक संख्या उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से आए श्रमिकों की थी, जो 25 मई 2025 तक वर्करों की संख्या घटकर केवल 8 लाख रह गई है।

यह भी पढ़ें- ऑपरेशन सिंदूर में भारत का रोज़ाना खर्च कितना था? पाकिस्तान को सबक सिखाने की कीमत चौंकाने वाली!
22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के ठिकानों पर 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत एयर स्ट्राइक कर लगभग 100 आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए। यहीं से लुधियाना की होजरी और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के बुरे दिन शुरू हो गए।
यह भी पढ़ें- Khan Sir ने लव मैरिज की या अरेंज, पत्नी AS Khan कैसी दिखती हैं, दहेज में क्या मिला? सबकुछ सामने आ गया
पंजाब के वे जिले जो पाकिस्तान सीमा से सटे हैं
पाकिस्तान की 553 किलोमीटर लंबी सीमा पंजाब के अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का और फिरोजपुर जिलों से होकर गुजरती है। लुधियाना इन सीमावर्ती क्षेत्रों के निकट स्थित है और एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र होने के कारण अक्सर पाकिस्तान के निशाने पर भी रहता है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की ओर से भेजे गए ड्रोन लुधियाना के आसमान में भी देखे गए थे।

सीजफायर के बाद भी नहीं लौटे मजदूर
ऑपरेशन सिंदूर के बाद युद्ध के भय से लगभग 4 लाख मजदूर लुधियाना छोड़कर अपने गृह राज्यों-उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड-लौट गए। हालांकि पाकिस्तान चार दिनों में ही घुटनों पर आ गया और गुहार लगाकर 10 मई 2025 की शाम 5 बजे से सीजफायर लागू करवा लिया, लेकिन जो मजदूर घर लौट चुके थे, उनमें अब भी जंग का खौफ बना हुआ है। संभवतः यही वजह है कि वे दोबारा काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं।

फैक्ट्री मालिकों पर दोहरी मार
लुधियाना की दिन-रात चलने वाली मशीनें अब बंद पड़ी हैं। कई फैक्ट्रियों पर ताले लग चुके हैं। सबसे अधिक असर होजरी, ऑटो पार्ट्स, निटवियर और साइकिल उद्योग पर पड़ा है। फैक्ट्री मालिकों के सामने दोहरा संकट खड़ा हो गया है-एक ओर मजदूरों की कमी के चलते उत्पादन ठप पड़ा है, वहीं दूसरी ओर बिजली बिल, ऋण की किस्तें, ऑर्डर रद्द होने और नया माल तैयार न हो पाने के कारण आर्थिक दबाव बढ़ गया है। पुराना माल भी बाजार में अटका पड़ा है।
मजदूरों को मनाने गांव-गांव जा रहे मैनेजर
मजदूरों की कमी का समाधान निकालने के लिए फैक्ट्री मालिक अपने मैनेजरों को उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के गांवों में भेज रहे हैं। मैनेजर मजदूरों को अधिक मजदूरी, एडवांस सैलरी और राशन जैसी सुविधाएं देने का प्रस्ताव दे रहे हैं, फिर भी मजदूर काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। वे अब स्थानीय रोजगार या अन्य शहरों में पलायन को प्राथमिकता दे रहे हैं।

किस इंडस्ट्री पर कितना असर?
लुधियाना की साइकिल इंडस्ट्री: यहां साइकिल निर्माण की लगभग 5,000 इकाइयां हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। यहां से करीब 50 हजार मजदूर पलायन कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर से पहले प्रतिदिन लगभग 5,000 साइकिलें बनती थीं, जो अब घटकर 3,000 रह गई हैं।
लुधियाना की ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री: शहर में ऑटो पार्ट्स की करीब 400 फैक्ट्रियां हैं, जिनमें लगभग 25 हजार मजदूर कार्यरत थे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद इनमें से 10 हजार मजदूर काम छोड़कर चले गए। उत्पादन लगभग आधा रह गया है। पैकिंग से लेकर डिस्पैच तक का काम प्रभावित हुआ है।
लुधियाना की होजरी-टेक्सटाइल इंडस्ट्री: यहां होजरी, टेक्सटाइल और डाइंग उद्योग की लगभग 75 हजार इकाइयां हैं, जिनमें करीब 6 लाख मजदूर कार्यरत थे। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद इनमें से लगभग 2 लाख मजदूर अपने घर लौट गए हैं।
यह भी पढ़ें- मनोहर लाल धाकड़ के एक्सप्रेस-वे कांड के बाद बीकानेर की शेरनी के वीडियो वायरल, जानिए असली लड़की कौन?
-
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी होने लगा महंगा, गोल्ड 6000 और सिल्वर के 10,000 बढ़े भाव, अब ये है रेट -
Nitish Kumar का मास्टरस्ट्रोक! राज्यसभा गए पर CM पद पर अब भी सस्पेंस! 14 अप्रैल के बाद बिहार को मिलेगा नया CM? -
राजस्थान रॉयल्स की 13,500 करोड़ की डील रुक गई? बॉम्बे हाई कोर्ट में जीत से राज कुंद्रा ने पलटा गेम -
Gold Rate Today: रामनवमी पर एक दिन में ₹4,900 उछला सोना,ये है आपके शहर में 22K-18K का ताजा रेट -
Petrol Diesel Crisis: भारत के पास कितने दिनों का पेट्रोल-डीजल और LPG? किसके पास सबसे ज्यादा और कहां खड़े हम? -
IPL 2026: विराट कोहली की RCB का बदलेगा नाम? 16,700 करोड़ की डील के बाद अनन्या बिड़ला ने दिया जवाब! -
'ये मेरा आखिरी वीडियो है, मुझे कुछ भी हो सकता है', क्यों रोए सनोज मिश्रा? Monalisa को लेकर सामने रखा ऐसा सच












Click it and Unblock the Notifications