यूपी में 4 अफसरों पर शासन की बड़ी कार्रवाई, जानिए क्यों लिया गया एक्शन ?
लखनऊ, 15 सितंबर: उत्तर प्रदेश शासन की ओर से बुधवार को चार अफसरों पर बड़ी कार्रवाई की है। ये कार्रवाई दो अलग-अलग मामलों में हुई है। अवैध खनन के मामले में बांदा के डीएम आनंद कुमार सिंह को हटा दिया गया है। दूसरी ओर अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। आनंद कुमार सिंह को बांदा से हटाकर एपीसी शाखा में विशेष सचिव बनाया गया है। आईएएस अफसर अनुराग पटेल को बांदा का नया डीएम की जिम्मेदारी सौंपी है। पीएसी सीतापुर में तैनात लक्ष्मी निवास मिश्र को एएसपी महेंद्र प्रताप सिंह के स्थान पर एएसपी बांदा की तैनाती दी है।

डीएम और एएसपी पर खनन माफियाओं का साथ देने का आरोप
बांदा के डीएम आनंद कुमार सिंह और एएसपी महेंद्र प्रताप सिंह पर खनन माफियाओं का साथ देने का आरोप लगा है। मामले की जांच एसटीएफ कर रही थी। एसटीएफ की जांच में आनंद कुमार सिंह और एएसपी महेंद्र प्रताप सिंह की मिलीभगत सामने आई है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि एएसपी महेंद्र प्रताप चौहान बांदा के थाना क्षेत्र गिरवा, नरैनी में मध्य प्रदेश से खनन होकर आने वाली मौरंग की गाड़ियों को पास करवाने में शामिल थे।

दो एडिशनल एसपी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश
उधर, बीएसपी सांसद अतुल राय पर लगे रेप के आरोप के मामले में वाराणसी के तत्कालीन एसपी सिटी और एडीसीपी काशी जोन रहे विकास चंद्र त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, वाराणसी के तत्कालीन एडीसीपी वरुणा जोन विनय कुमार सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया गया है। बता दें, विकास चंद्र त्रिपाठी पर सांसद अतुल राय और उनके करीबियों के खिलाफ रेप पीड़िता और उसके गवाह द्वारा की गई शिकायतों की जांच की सही से मॉनिटरिंग न करने का आरोप है। वहीं, विनय कुमार सिंह पर रेप पीड़िता और उसके गवाह के खिलाफ अतुल राय के भाई द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना की मॉनिटरिंग सही से न करने का आरोप है।












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