UP News: अतीक के बेटे असद के एनकाउंटर पर मायावती ने उठाए सवाल, कहा: 'उच्च-स्तरीय जाँच जरूरी'
कानून की धज्जियां उड़ाने वाला माफिया आज जब एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया तो विपक्षी पार्टियां एक सुर में कानून का हवाला देते हुए एनकाउंटर पर जांच की बात कर रही है। जानिए मायावती से लेकर अन्य नेताओं का क्या कुछ कहना है।

प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के द्वारा ली गई वो शपथ कि 'माफिया को मिट्टी में मिला देंगे' सच होती नजर आ रही है। UP STF ने आज अतीक के बेटे असद और हत्याकांड में शामिल 5 लाख के इनामी शूटर गुलाम को एनकाउंटर में मार गिराया है। एनकाउंटर के बाद से ही राजनैतिक बयानबाजियों का सिलसिला चालू हो गया है। जहां एक तरफ सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और असाउद्दीन ओवैसी ने इस एनकाउंटर पर सवाल खड़े किये हैं, वहीं अब बसपा प्रमुख मायावती ने भी ट्वीट कर उच्च-स्तरीय जाँच की बात कही है।
पुलिस मुठभेड़ में हुई हत्या पर उच्च-स्तरीय जाँच जरूरी: मायावती
बता दें कि गुरुवार की दोपहर यूपी एसटीएफ ने झाँसी में अतीक के बेटे असद और शूटर गुलाम को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। ये दोनों उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही फरार चल रहे थे और यूपी पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थी। आज दोनों अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गए और एनकाउंटर में मार गिरा दिए गए। एनकाउंटर के फ़ौरन बाद से ही तमाम विपक्षी पार्टियों ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाना शुरू कर दिए।
बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट में लिखा कि "प्रयागराज के अतीक अहमद के बेटे व एक अन्य की आज पुलिस मुठभेड़ में हुई हत्या पर अनेकों प्रकार की चर्चायें गर्म हैं। लोगों को लगता है कि विकास दुबे काण्ड के दोहराए जाने की उनकी आशंका सच साबित हुई है। अतः घटना के पूरे तथ्य व सच्चाई जनता के सामने आ सके इसके लिए उच्च-स्तरीय जाँच जरूरी।"
मजहब देख कर एनकाउंटर: असाउद्दीन ओवैसी
असाउद्दीन ओवैसी ने एनकाउंटर पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि 'मजहब देख कर एनकाउंटर करती है यूपी पुलिस। अगर तुम ही गोली से फैसला करोगे तो जज किस लिए है, कोर्ट किस लिए है, बंद कर दो सब।'
वहीं अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा झूठे एनकाउंटर करके भाजपा सरकार सच्चे मुद्दों से ध्यान भटकाना चाह रही है। भाजपाई न्यायालय में विश्वास ही नहीं करते हैं। आजके व हालिया एनकाउंटरों की भी गहन जाँच-पड़ताल हो व दोषियों को छोड़ा न जाए। सही-गलत के फ़ैसलों का अधिकार सत्ता का नहीं होता है। भाजपा भाईचारे के ख़िलाफ़ है।
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भाजपा का जवाब
वहीं भाजपा ने विपक्षी नेताओं द्वारा एनकाउंटर पर सवाल खड़े करने को लेकर कहा है कि 'यह केवल तुष्टिकरण की राजनीती है। एक अपराधी जिसने दिन दहाड़े उमेश पाल हत्याकांड जैसी वारदात को अंजाम दिया, जिसमे 2 पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए थे, उसका साथ देना अपने-आप में उनकी नियत को बयान करता है। बीजेपी नेताओं ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'यही लोग इन माफियाओं को संरक्षण देते थे। आज जब उन्हें मिट्टी में मिलाया जा रहा है तो इन्हे तकलीफ हो रही है।'












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