UP: 4 मंडलायुक्त और 20 डीएम से मांगा गया जवाब, सीएम ऑफिस का भी नहीं उठाते थे फोन
लखनऊ। सरकारी फोन नहीं उठाने वाले कई अफसरों पर नकेल कसने की कवायद शासन ने शुरू कर दी है। इन अधिकारियों को अगले तीन दिन में इस नोटिस का जवाब देना है। जिन लोगों से शासन ने जवाब मांगे हैं, उनमें कई चार मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, एसएसपी व एसपी शामिल हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के तमाम अधिकारियों को सरकारी सीयूजी नंबर को उठाने के निर्देश दिए। उसके बावजूद भी कुछ अधिकारी फोन तक नहीं उठाते थे, अब ऐसे अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया है।

शासन ने प्रदेश के 20 से अधिक जिलाधिकारियों, चार मंडलायुक्त से सरकारी फोन ना उठाने पर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। इसी मामले में वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या व बरेली के मंडलायुक्त से जवाब-तलब किया गया है। दरअसल, मु्ख्यमंत्री को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि जिलों के जिलाधिकारी और कमिश्नर अपने सरकारी फोन को रिसीव नहीं करते हैं। इसकी हकीकत जानने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सचिवालय को निर्देश दिया, जिसके बाद प्रदेश के सभी जिलों के डीएम और कमिश्नर को फोन मिलाया गया।
लेकिन ज्यादातर जिलों में किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद सीएम सचिवालय ने उनको नोटिस जारी किया गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल के निर्देश पर अधिकारियों की टीम ने रैंडम आधार पर कुछ जिलों के डीएम, कमिश्नर व एसपी व एसएसपी के सीयूजी नंबर पर काल किया। कुछ ने उठाया कुछ ने नहीं उठाया। कुछ ने बाद में काल बैक किया तो कुछ के पीआरओ ने उठाया।
मांगा गया स्पष्टीकरण
सूत्रों के मुताबिक गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बदायूं, अलीगढ़, कन्नौज, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, फिरोजाबाद, हापुड़, अमरोहा, पीलीभीत, बलरामपुर, गोंडा, जालौन, कुशीनगर, औरया, कानपुर देहात, कानपुर, झांसी, मऊ, आजमगढ़ के डीएम से कहा गया है कि आपने सीयूजी फोन क्यों नहीं उठाया। यही सवाल वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या व बरेली के डीएम से भी पूछा गया है। तीन दिन में जवाब मांगा गया है।












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