'क्या पुलिस और एसटीएफ वाले मायावती से डर रहे हैं ?''

लखनऊ। बसपा सुप्रीमों मायावती पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी ने बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर भी पाक्सो कानून के अंतर्गत कार्यवाही किये जाने की मांग करते हुए प्रशासन और सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। ज्ञात हो कि बसपा के प्रदर्शन के दौरान उनकी बेटी के बारे में भी अपमानजनक टिप्पणी की गई थी। इन सबके इतर स्वाति सिंह ने प्रेस कान्फ्रेंस करके मायावती पर भी जमकर हमला बोला।

swati singh

स्वाती के माया से तीखे सवाल !

मायावती पर हमला करते हुए स्वाति ने कहा कि बसपा मुखिया ने आरोप लगाया था कि सपा और भाजपा मिलकर दयाशंकर सिंह को बचा रहे हैं। क्या उन्होंने खुद नसीमुद्दीन पर कोई कार्यवाही की ? मायावती दूसरों के लिये ऐसे सवाल ना करें, जिनका जवाब वह खुद नहीं दे पाती। बुलंदशहर में सामूहिक बलात्कार कांड पर बसपा मुखिया मायावती के तमाम बयानों की तरफ इशारा करते हुए स्वाति ने कहा ''बसपा के किसी भी नेता को यह अधिकार है कि वह बुलंदशहर में बलात्कार पीड़ित बच्ची के लिये कुछ भी बोले। मुझे मायावती से सफाई चाहिये। और नसीमुद्दीन पर उनके द्वारा की गई मेरी बेटी पर अभद्र टिप्पणी के लिए पाक्सो लगना चाहिये।''

नसीमुद्दीन को बचा रही है ''बसपा''

दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति ने यूपी प्रेस क्लब में मीडिया से मुखातिब होते हुए बहुजन समाज पार्टी पर बसपा महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस को जो दो सीडी दी हैं, उनमें से एक में नसीमुद्दीन सिद्दीकी तीन-चार लोगों के साथ खड़े होकर माइक में यह बोलते हुए साफ दिख रहे हैं कि दयाशंकर अपनी बहन बेटी को पेश करो। इसके बावजूद उन पर पाक्सो कानून के तहत कार्यवाही नहीं की जा रही है।

सपा सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

स्वाती ने पति दयाशंकर मामले में सूबे की सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें बसपा के प्रदर्शन की सीडी मीडिया के माध्यम से मिली थी। प्रशासन हर धरने की सीडी बनवाता है, आखिर प्रशासन के पास वह सीडी क्यों नहीं है जिसमें सिद्दीकी बोलते हुए दिख रहे हैं।

23 लोगों पर पाक्सो, नसीमुद्दीन को रखा गया मामले से अलग

आपको बताते चलें कि भाजपा में रहे दयाशंकर सिंह के बसपा सुप्रीमों पर दिए गए विवादित बयान के बाद बसपा के नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ के हजरतगंज चौराहे के पास विरोध प्रदर्शन किया था। जिसमें दयाशंकर के खिलाफ मां, बेटी को पेश करो जैसे अभद्र नारों का इस्तेमाल बसपा नेताओं द्वारा किया गया। जिसकी वजह से दयाशंकर की बेटी काफी डर गई थी। सिंह की बेटी के भी नाबालिग होने के कारण इस मामले में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर समेत 22 लोगों पर पाक्सो की धाराएं लगायी गयी हैं, मगर इसी मुद्दे को लेकर भाजपा के निशाने पर आये नसीमुद्दीन सिद्दीकी को इससे अलग रखा गया है।

क्या है पाक्सो ?

कानूनी जानकारों के मुताबिक 18 साल से कम उम्र के बच्चों से किसी भी तरह का सेक्सुअल बर्ताव इस प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (पोक्सो) कानून के दायरे में आता है। इसके तहत लड़के और लड़की ,दोनों को ही प्रोटेक्ट किया गया है। इस तरह के मामलों की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में होती है और बच्चों के साथ होने वाले अपराध के लिए उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। इस एक्ट के तहत बच्चों को सेक्सुअल असॉल्ट, सेक्सुअल हैरेसमेंट और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से प्रोटेक्ट किया गया है। 2012 में बने इस कानून के तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई।

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