छोटी-छोटी बाधायें लखनऊ मेट्रो की रफ्तार की रफ्तार पर लगा रही हैं स्पीड ब्रेकर
लखनऊ। आगामी चुनावों के मद्देनजर जिस तेजी से लखनऊ मेट्रो का काम चल रहा है उसपर तय समयसीमा पर पूरा होने पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कई ऐसी बाधायें हैं जिनकी वजह से लखनऊ मेट्रो के काम की रफ्तार को ब्रेक लग सकता है। लखनऊ मेट्रो को एक दिसंबर से शुरु होना है लेकिन पहले फे में 8.4 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर बाधायें हैं जिन्हें दूर नहीं किया गया तो यह तय समयसीमा पर शुरु नहीं हो सकती है।
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पहले फेज में ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग के रूट में कई जगह ऐसी हैं जहां जमीन नहीं मिलने की वजह से काम रुका है। कई ऐसी जगहें भी हैं जहां हादसे हुए थे जिसकी वजह से यहां भी काम रुका हुआ है। मुख्य सचिव प्रवीण कुमार ने भी इन समस्याओं को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिये हैं।
हालांकि मेट्रो के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि इन बाधाओं का समाधान कर लिया गया है लेकिन सेना की जमीन की अनुमति मिलनी अभी बाकी है। मवैया रेलवे स्टेशन के पास मेट्रो का पाथवे बनना है लेकिन यहां एक तरफ सेना की जमीन है जिसकी अभी अनुमति नहीं मिली है। मेट्रो के अधिकारियों का कहना है कि आपसी सहमति बन गयी है और जल्द ही मंत्रालय इसकी अनुमति दे देगा।
कुछ ऐसा ही हाल श्रृंगार नगर का भी है जहां दुकानदार अपनी जगह देनें को तैयार नहीं है जिसके चलते यहां भी पाथवे का काम रूका हुआ है। मुख्य सचिव व मंडलायुक्त इस मामले में खुद दुकानदारों से बातची कर रहे हैं। देखने वाली बात यह है कि यह मामला कब सुलझता है।
एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए मेट्रो को एयरपोर्ड अथॉरिटी की अनुमति लेनी है जिसकी चलते यहां का काम रुका पड़ा है। ऐसी ही तमाम छोटी-छोटी दिक्कतो के चलते लखनऊ मेट्रो का काम रुका हुआ है। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि लखनऊ मेट्रो प्रशासन कितनी जल्दी इन बाधाओं से पार पाता है।












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