सैफई आर्युविज्ञान विश्वविद्यालय में दो साल से बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट, शिवपाल ने CM योगी को लिखा पत्र
लखनऊ, अप्रैल 25: यूपी में कोरोना का संक्रमण फैलता जा रहा है और ऑक्सीजन की किल्लत भी बढ़ती जा रही है। सैफई के आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में भी कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बचा है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष और जसवंतनगर से विधायक शिवपाल यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस संबंध में पत्र लिखा है। साथ ही उनसे मदद की अपील भी की है। इस पत्र को ट्वीटर पर शेयर करते हुए शिवपाल यादव ने लिखा, 'ऑक्सीजन के आभाव में दम तोड़ते कोरोना मरीजों के भयावह दृश्यों के मध्य जनपद इटावा स्थित आर्युविज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में 54000 लीटर क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट दो वर्षों से बंद पड़ा है। यह प्लांट न सिर्फ संस्थान बल्कि दूसरे जनपदों को भी ऑक्सीजन उपलब्ध करा सकता है।'

पत्र में लिखा है कि सम्पूर्ण देश में फैले निर्मम कोरोना संक्रमण और ऑक्सीजन के आभाव में दम तोड़ते मरीजों के भयावह दृश्यों के मध्य इटावा स्थित उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई की चिकित्सा व्यवस्था दम तोड़ रही है।, महोदय आपको अवगत कराना है कि ऐसी विपरीत परिस्थित में उप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई स्थित ऑक्सीजन प्लांट के 2 यूनिट बंद पड़े हैं। प्रति यूनिट 27000 (संपूर्ण 54000) लीटर क्षमता वाले इन विशाल प्लांटों का दो वर्षों से बंद पड़ा रहना न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि संस्थान में पसरे अकर्मण्यता और भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा करता है। आज अगर यह प्लांट क्रियाशील होता तो न सिर्फ संस्थान ऑक्सीजन के लिए आत्मनिर्भर होता बल्कि दूसरे जनपदों व संस्थानों को ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहा होता।
'कोई भी अस्पताल कोरोना मरीज को इलाज के लिए मना नहीं कर सकता'
बता दें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोरोना के बढ़ते मामलों पर टीम-11 के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी अस्पताल चाहे वह निजी हो या फिर सरकारी मरीजों के इलाज से इनकार नहीं कर सकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश देते हुए कहा कि सुनिश्चित किया जाए कि जिसे भी अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत हो उसे बेड मिले।












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