चंद्रयान-3 की सफलता के लिए राजनाथ सिंह ने लखनऊ की 'Rocket Women'को सराहा
चंद्रमा पर जिस तरह से चंद्रयान-3 ने कदम रखा उसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मिशन में शामिल लखनऊ की महिला वैज्ञानिक रितु कारीधाल की तारीफ करते हुए उन्हें रॉकेट वूमेन करार दिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने चंद्रयान 3 मिशन की सफलता में विशेष योगदान दिया।
चंद्रमा की साउथ पोल पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग को ऐतिहासिक बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत पहला देश बन गया है जिसने चंद्रमा की दक्षिणी ध्रुव की सतह पर लैंडिंग की है।

आपको जानकर खुशी होगी कि मैं इसकी चर्चा यहां इसलिए कर रहा हूं क्योंकि वैज्ञानिक रितु कारीधल जोकि लखनऊ की ही हैं उन्होंने इस मिशन की सफलता में अहम भूमिका निभाई है। आज हम उन्हें रॉकेट वूमेन के रूप में जानते हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि ऐसी महिलाएं ना सिर्फ लखनऊ को गौरवान्वित करती हैं बल्कि पूरे देश का दुनियाभर में सम्मान बढ़ाती हैं। बता दें कि डॉक्टर रितु कारीधल श्रीवास्तव का जन्म लखनऊ में ही हुआ था, वह एयरोस्पेस इंजीनियर हैं।
वह इसरो में बतौर वैज्ञानिक काम करती हैं, यहां वह भारत के मार्स आर्बिटल मिशन, मंगलयान की डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर हैं। डॉक्टर रितु स्पेस साइंस में काफी रुचि रखती हैं, इसीलिए उन्हें रॉकेट वूमेन के तौर पर जाना जाता है।
चंद्रयान 3 के लैंडर मॉड्यूल विक्रम ने 40 दिन के सफर के बाद चंद्रमा के साउथ पोल की सतह पर सफल लैंडिंग की थी। चांद पर सफल लैंडिंग करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है। इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन ने यह कारनामा कर दिखाया है।












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