Priyanka Chopra ने लखनऊ में गुजारे दो दिन, महिला एवं बाल स्वास्थ्य, शिक्षा पर अधिक निवेश पर दिया जोर
अभिनेत्री और यूनिसेफ की ग्लोबल गुडविल एंबेसडर प्रियंका चोपड़ा जोनस अपनी भारत यात्रा के दौरान दो दिन यूपी की राजधानी लखनऊ में रहीं। यहां उन्होंने यूनिसेफ के सहयोग से योगी सरकार द्वारा संचालित महिला एवं बाल स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण सुरक्षा सहित कई कार्यक्रमों की जानकारी केंद्रों पर जाकर ली। प्रियंका चोपड़ा लखनऊ में घरेलू हिंसा की शिकार लड़कियों से मिली। लड़कियों ने बताया कि किस तरह सामाजिक और पारिवारिक दवाब के बीच वह खुलकर अपनी बात रख रही हैं। महिलाएं और लड़कियां चुनौतियों का सामना कर खुद को आत्मनिर्भर भी बना रही हैं।

प्रियंका ने कहा, ''मुझे यह जानकर बहुत खुशी हो रही है कि केन्द्र और प्रदेश सरकार के प्रयास के बाद यूनिसेफ के सहयोग से संचालित कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाएं अब हिंसा और गलत चीजों का विरोध कर रही हैं, समाज में उनकी बातों को सुना जा रहा है, लिंग आधारित भेदभाव अब काफी जगहों पर कम हो रहा है।'' प्रियंका ने कहा कि शिक्षित, स्वस्थ्य और मजबूत लड़कियां ही एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकती हैं। प्रियंका चोपड़ा यूनिसेफ के सहयोग से लखनऊ में संचालित 1090 कॉल सेंटर भी पहुंची।

प्रियंका ने कहा कि वुमेन हेल्पलाइन शुरू होने से अब अधिक महिलाएं हिंसा के खिलाफ आवाज उठा रही हैं, मामले की रिपोर्टिंग बढ़ना इस बात का प्रमाण है कि सामाजिक दबाव अब कम हो रहा है, महिलाओं को सम्मान से जीने का हम है और उसके साथ किसी भी तरह की मानसिक, सामाजिक और शारीरिक हिंसा नहीं की जानी चाहिए।
प्रियंका ने यूपी सरकार और यूनिसेफ के सहयोग से प्राथमिक स्कूल औरंगाबाद में संचालित लर्निंग बाय डूइंग व आईबीटी (इंट्रोडक्शन टू बेसिक टेक्नोलॉजी) कार्यक्रम का भी मुआयना किया।

इस कार्यक्रम के जरिए बच्चे स्कूल में ही कौशल विकास तकनीक को सीखते हैं जिसकी वजह से वह स्कूल आना नहीं छोड़ते। बच्चों से बातचीत के दौरान प्रियंका ने कहा कि किस तरह स्किल कार्यक्रम के जरिए बच्चे तकनीक को सीखकर नये प्रयोग कर रहे हैं।












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