यूपी में 2600 इमारतें कभी भी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं
लखनऊ। अवैध बिल्डिंगो और बिल्डर्स की वजह से आये दिन लोगों की जान चली जाती है। लेकिन इन हादसों के बावजूद प्रशासन अपनी नींद तोड़ने के लिए तैयार नहीं है। अधिकारियों और बिल्डर्स की मिलीभगत का खामियाजा लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ सकता है।

उत्तर प्रदेश में ऐसी हजारों इमारतें बनकर तैयार हैं जो नियमों की अनदेखी करके बनायी गयी हैं। प्रदेश मे 2600 इमारतें ऐसी हैं जो भूकंप के हल्के झटके को भी झेलने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में जरा से भूकंप के झटके से ये इमारते ढहने की कगार पर आ जायेंगी।
इन इमारतों से निपटने के लिए ना तो सरकार और ना ही प्रशासन तैयार हैं। ऐसे में ध्यान देने वाली बात यहै है कि जिस तरह से गुजरात में 2001 के भूंकप में हजारों लोगों को मौत की नींद सुला दी थी क्या यूपी प्रशासन भी ऐसी अनहोनी की बाट जोह रहा है।
जिन 2600 इमारतों को असुरक्षित घोषित किया गया है वे संरचनात्मक रूप से कमजोर हैं या असुरक्षित हैं ऐसे मे उन्हें या तो मजबूत किया जाए या उन्हें ढहा दिया जाए यही एक विकल्प है। लेकिन इन इमारतो को असुरक्षित घोषित किये 14 साल हो गये हैं लेकिन अभी तक ये इमारते जस की तस खड़ी हैं।
जिन शहरों में इमारतों को अवैध घोषित किया गया
लखनऊ-165
आगरा- 637
अलीगढ़- 145
मेरठ- 121
झांसी- 113
वाराणसी- 101
गाजियाबाद- 415
मथुरा-वृंदावन- 230
मुरादाबाद में 197
फिरोजाबाद-187
कानपुर- 175












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