Nikay Chuanav 2023: अतीक की पत्नी शाइस्ता की उम्मीदवारी पर ग्रहण, Mayawati जल्द लेंगी फैसला
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आने वाले समय में जल्द ही उम्मीदवारों के नामों का ऐलान हो सकता है। हालांकि निर्वाचन आयोग ने अभी चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया है।

Bahujan Samaj Party: उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव का शोर शुरू हो चुका है। सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होते ही सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियों और उम्मीदवारों के नाम को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। चूंकि सत्ताधरी बीजेपी के भीतर तो उम्मीदवारों को लेकर कड़ी मारामारी है लेकिन सपा और बसपा ने भी अपने उम्मीदवारों पर मंथन करना शुरू कर दिया है। इस बीच बसपा के सूत्रों की माने तो प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही अब इस बात पर भी संशय है कि मायावती माफिया अतीक की पत्नी शाइस्ता को टिकट देंगी। सूत्रों की माने तो मायावती जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लेंगी।
शाइस्ता की उम्मीदवारी लगभग खत्म?
बसपा के सूत्रों की माने तो रविवार को बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय बैठक में प्रयागराज मेयर पद के लिए अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन की उम्मीदवारी पर चर्चा हुई थी। बैठक में मौजूद एक पदाधिकारी ने बताया कि, " शाइस्ता की उम्मीदवारी लगभग 99 फीसदी समाप्त हो चुकी है। हालांकि हम उम्मीद करते हैं कि बहनजी एक या दो दिन में इस पर अंतिम घोषणा करेंगी।'

अतीक के कुनबे पर कस रहा पुलिस का शिकंजा
दरअसल, राज्य सरकार जिस तरह से अतीक अहमद और परिवार को लेकर सख्त नजर आ रही है उससे बसपा भी सतर्क हो गई है। शाइस्ता परवीन पर पुलिस ने इनाम घोषित कर रखा है और पुलिस उनको ढूंढ रही है। ऐसे में बसपा को शाइस्ता को मेयर पद का उम्मीदवार बनाएगी इस बात की संभावना काफी कम ही है। हालांकि बसपा को स्पष्ट कर दिया है कि यदि परवीन को उमेश पाल हत्याकांड में जमानत मिल भी जाती है, तो संभावना है कि सरकार उसके खिलाफ नए सिरे से आरोप तय करे।

पार्टी को लग रहा यह मामला लंबा चलेगा
सूत्रों ने कहा, "पार्टी को नहीं लगता है कि यह मामला बहुत जल्द खत्म हो पाएगा।" परवीन जनवरी में प्रयागराज में अपने समर्थकों के साथ बसपा में शामिल हो गई थीं और लोकसभा चुनाव 2024 से पहले यूपी में मुस्लिमों के बीच मजबूत उपस्थिति बनाने की बसपा की रणनीति से निर्देशित होने के तुरंत बाद प्रयागराज नगर निगम के लिए मेयर उम्मीदवार की घोषणा की गई थी। उम्मीदवारों की जल्द घोषणा का मतलब दोनों उम्मीदवारों को अपने पक्ष में मतदाताओं को लामबंद करने के लिए पर्याप्त समय देना था।
उमेश पाल हत्याकांड ने बदला प्रयागराज का समीकरण
दरअसल, 24 फरवरी को प्रयागराज में हुए हमले ने बसपा के समीकरण को काफी बदल दिया है। प्रयागराज में दिनदहाड़े हुए हमले में उमेश पाल के मारे जाने के एक दिन बाद पुलिस ने पूर्व सांसद अतीक अहमद, उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन, उनके दो बेटों और अतीक के भाई अशरफ समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मायावती ने अपने ट्वीट में शाइस्ता परवीन का बचाव किया था और कहा कि उनके खिलाफ आरोप साबित होने पर ही उन्हें निष्कासित किया जाएगा।












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