मायावती ने कहा- OBC जनगणना से इनकार BJP की कथनी-करनी में दिखाता है फर्क
लखनऊ, 24 सितंबर: केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके पिछड़े वर्गों की जातीय जनगणना कराने से इनकार की खबरों को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने भाजपा पर निशाना साधा है। मायावती ने शुक्रवार को ट्वीट में कहा, ''केंद्र सरकार द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करके पिछड़े वर्गों की जातीय जनगणना कराने से साफ तौर पर इनकार कर देना यह अति-गंभीर व अति-चिन्तनीय, जो भाजपा के चुनावी स्वार्थ की ओबीसी राजनीति का पर्दाफाश व इनकी कथनी व करनी में अन्तर को उजागर करता है। सजगता जरूरी।''

मायावती ने कहा- केंद्र का इनकार पूरे समाज को दुखी करने वाला
मायावती ने कहा, ''एससी व एसटी की तरह ही ओबीसी वर्ग की भी जातीय जनगणना कराने की मांग पूरे देश में काफी जोर पकड़ चुकी है, लेकिन केंद्र का इससे साफ इनकार पूरे समाज को उसी प्रकार से दुखी व इनके भविष्य को आघात पहुंचाने वाला है जैसे नौकरियों में इनके बैकलॉग को न भरने से लगातार हो रहा है।''
'पिछड़े वर्गों की जाति गणना प्रशासनिक रूप से बहुत कठिन और जटिल'
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा है कि पिछड़े वर्गों की जाति गणना प्रशासनिक रूप से बहुत कठिन और जटिल है। महाराष्ट्र राज्य की याचिका का जवाब देते हुए केंद्र ने ये बात कही है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में अपने जवाब में कहा है कि आजादी से पहले भी जब जातियों की गिनती हुई तो डेटा की संपूर्णता और सत्यता को लेकर सवाल उठते रहे। दरअसल, महाराष्ट्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर केंद्र सरकार से 2011 की जनगणना के अनुसार, ओबीसी समुदाय का डेटा मांगा गया था। महाराष्ट्र में ओबीसी समुदाय के लिए जिला परिषद, जिला पंचायत चुनाव के लिए 27 फीसदी आरक्षण को लेकर ये डेटा मांगा गया था। सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे के मुताबिक, सरकार ने कहा है कि सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना 2011 में काफी गलतियां एवं अशुद्धियां हैं। महाराष्ट्र सरकार ने याचिका दायर कर केंद्र एवं अन्य संबंधित प्राधिकरणों से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित एसईसीसी 2011 के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग की और कहा कि बार-बार आग्रह के बावजूद उसे यह उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।












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