कन्नौज: तहसीलदार को पीटने के मामले में सियासत गर्म, मायावती ने की भाजपा सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कन्नौज में भाजपा सांसद सुब्रत पाठक उनके समर्थकों पर तहसीलदार को उनके सरकारी घर में घुसकर पीटने के मामले में सियासत गर्म हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने घटना को अति शर्मनाक बताते हुए मुख्यमंत्री से सांसद के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। बता दें, कन्नौज में लॉकडाउन के दौरान गरीबों में राशन ठीक तरह से वितरित न करने के आरोप में बीजेपी सांसद सुब्रत पाठक और उनके समर्थकों पर तहसीलदार को पीटने का आरोप लगा है। मामले में सांसद सुब्रत पाठक समेत 25 लोगों पर केस दर्ज किया गया है।

सांसद जेल जाने के बजाए अभी भी बाहर घूम रहा है: मायावती

सांसद जेल जाने के बजाए अभी भी बाहर घूम रहा है: मायावती

मायावती ने मामले में गुरुवार को ट्वीट करते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में अपनी ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे एक दलित तहसीलदार के साथ अभी हाल ही में, वहां के बीजेपी सांसद ने, जो मार-पीट व दुर्व्यवहार आदि किया है, यह अति शर्मनाक है। लेकिन दुख की बात यह है कि यह सांसद अभी भी, जेल में जाने की बजाय बाहर ही घूम रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में दलित कर्मचारियों में जबर्दस्त रोष व्याप्त है। ऐसे में मुख्यमंत्री को चाहिये कि वे इस मामले में जरूर सख्त कदम उठाएं ताकि यह सांसद आगे कभी भी ऐसी हरकत ना कर सके।" एक अन्य ट्वीट में मायावती ने लिखा है, "साथ ही, पूरे प्रदेश में, खासकर दलित कर्मचारियों के साथ, आगे ऐसा कोई भी बर्ताव न हो तो इसके लिए भी, इनको अपने इस सांसद के विरूद्ध तुरन्त कठोर कार्यवाही करनी चाहिए। बीएसपी की यह मांग है।"

क्या है पूरा मामला

क्या है पूरा मामला

भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने गरीबों की एक लिस्ट बनाकर खाने का पैकेट वितरण करने को कहा था। इसकी सूची कन्नौज सदर के तहसीलदार अरविन्द कुमार को सौंपी गई थी। लेकिन, उनके दफ्तर को शिकायत मिली कि लोगों को राशन नहीं मिल रहा है। आरोप है कि इस पर सांसद भड़क गए और वे तहसीलदार अरविन्द कुमार के सरकारी आवास पहुंच गए। इस दौरान सांसद व उनके समर्थकों ने तहसीलदार को पीटा। तहसीलदार अरविन्द कुमार का आरोप है कि सांसद ने उनके साथ फोन कर गाली-गलौज की। उन्‍होंने कहा, 'मैंने बार-बार कहा कि सूची में जिन लोगों का नाम है, उन्हें चिन्हित करवाकर राशन मुहैया करवाया जा रहा है, लेकिन उन्होंने धमकी दी कि मैं तुम्‍हें मारने तहसील आ रहा हूं। इसके बाद मैंने इसकी सूचना एडीएम और एसडीएम को दी। एसडीएम साहब ने कहा कि तुम अपने घर चले जाओ। इसके बाद सांसद महोदय अपने 20-25 समर्थकों के साथ मेरे सरकारी आवास पर पहुंचे और जोर-जोर से दरवाजा पीटने लगे। यह देख मेरी पत्नी और बच्चे डर गए।'

गिरा-गिरा कर मारने लगे

गिरा-गिरा कर मारने लगे

तहसीलदार ने बताया, 'सांसद जी ने कहा कि तुमने सूची के मुताबिक वितरण क्यों नहीं किया...मैंने कहा कि सर वितरण कर रहा हूं, नायब साहब वितरित करा रहे हैं...मेरा मोबाइल छीन लिए और सांसद जी मुझे थप्पड़ से पीटने लगे...उनके साथ 20-25 लोग थे वे भी मुझे गिरा-गिरा कर मारने लगे।' उधर, सांसद सुब्रत पाठक का कहना है कि वह किसी के घर नहीं गए थे। दो दिन पहले ही दिल्ली से लौटे हैं। लोगों तक राशन नहीं पहुंच रहा है। तहसीलदार को फोन कर इसकी सूचना दी तो वह गाली गलौज करने लगे। उनके समर्थक जब शिकायत करने वालों की सूची लेकर पहुंचे तो उन्हें डंडे से पीटा। वह अब मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत करेंगे।

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