बेटे की मौत के बाद अध्यात्म की ओर चले गए थे रंजीत बच्चन, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम है शामिल
लखनऊ। बीते कुछ दिनों पहले हिन्दू महासभा के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजीत बच्चन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में उनकी पत्नी ही मुख्य आरोपी निकली। वहीं पुलिस ने उनकी दूसरी पत्नी के प्रेमी और उसके चचेरे भाई को भी गिरफ्तार कर लिया। रंजीत बच्चन के जीवन में अध्यात्म की तरफ झुकाव होने का एक मुख्य कारण है।

बेटे की मौत के बाद जीवन में आया बड़ा बदलाव
दरअसल, उनकी पत्नी कालिंदी से पैदा हुए तीन साल के बेटे की मौत के बाद रंजीत बच्चन के जीवन में बड़ा बदलाव आया था। इस घटना के बाद उन्होंने भगवा कपड़ा पहनना शुरू कर दिया। रंजीत बच्चन साल 1996 से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में काफी सक्रिय रहे। रंजीत बच्चन ने समाज के लिए बहुत सारे काम किए, जिससे उनकी अलग पहचान बनी।

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम शामिल
साल 2002 से 2009 के बीच भूटान, बंग्लादेश, नेपाल और बर्मा बॉर्डर तक 1.32 लाख किलोमीटर साइकिल यात्रा की, जो काफी चर्चा में रही। इसके लिए उनका नाम लिम्का बुक ऑफ विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था। रंजीत बच्चन को समाजवादी पार्टी की सरकार में राज्यमंत्री का भी दर्जा मिला था। लखनऊ में रहने के दौरान रंजीत, चक्रपति महाराज के संपर्क में आकर उनके संगठन से जुड़े।

सीएए पर दिया था भड़काऊ बयान
इसके बाद उन्होंने विश्व हिंदू महासभा के नाम से अलग संगठन बनाकर खुद को अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया। खुद के हिंदू नेता के तौर पर स्थापित करने के लिए उन्होंने भगवा कपड़े पहनना शुरू कर दिया था। बता दें कि वारदात से कुछ दिन पहले ही सीएए पर भड़काऊ बयान देकर काफी चर्चा में थे। उन्होंने बयान दिया था कि जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
आखिरकार पकड़ा गया रंजीत बच्चन का हत्यारा, पत्नी के प्रेमी का चचेरा भाई था शूटर












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