'मुझे अक्सर कमरे में भूत दिखते थे' कोई नहीं मानता था मेरी बात, इसलिए उठाया ये खौफनाक कदम
लखनऊ। मुझे अक्सर कमरे में तो कभी बरामदे भूत दिखते थे, लेकिन कोई मेरी बात नहीं मानता था। वारदात वाले दिन भी मुझे भूत दिखा था। यह बाते रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी राजेश दत्त बाजपेई की नाबालिग बेटी ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताई। इतनी ही नहीं, उसने पुलिस कई और तरह की अजीबोगरीब कहानियां भी सुनाई। हालांकि बाद में उसने घटना को अंजाम देने की बात भी कबूल कर ली। तो वहीं, शीशें पर लिखे 'डिस्क्वालीफाइड ह्यूमन' (Disqualified Human) की हैंड राइटिंग किशोरी की कॉपी से हैंड राइटिंग का मिलान किया तो काफी हद तक दोनो में समानता पाई गई।

मुझे लगता था डर, लेकिन कोई मेरी बात पर नहीं करता था यकीन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, छात्रा ने कहा कि मुझे घर में भूत दिखते थे। कभी कमरे में तो कभी बरामदे में। उसने कई बार मां और भाई से इसका जिक्र किया था। छात्रा ने कहा कि उसे डर लगता था, लेकिन मां मेरी बात पर यकीन नहीं करती थीं। भाई कभी-कभी उसकी बात मानता था। छात्रा को यह लगने लगा था कि घर का कोई सदस्य उसकी बात नहीं सुनता था। पुलिस पूछताछ उसने बताया कि शनिवार (घटना वाले दिन) को भी उसे भूत नजर आया था। किशोरी ने कई तरह की अजीबोगरीब कहानियां पुलिस को सुनाई और आखिरकार घटना को अंजाम देने की बात कबूल कर ली। पुलिस की मानें तो छात्रा करीब चार साल से अवसादग्रस्त है। उसने अपनी डायरी में कई बार इसका जिक्र भी किया है। इसी अवसाद के कारण उसने अपने ही परिवार को तबाह कर लिया।

बेटी ने ही मारा था मां और भाई को
बता दें कि शनिवार को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी राजेश दत्त बाजपेई की पत्नी मालिनी बाजपेई (48) और बेटे सर्वदत्त बाजपेई (19) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का पुलिस ने चार घंटे के अंदर चौंकाने वाला खुलासा कर दिया। पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया था कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी राजेश दत्त बाजपेई की पत्नी और बेटे की हत्या किसी और न नहीं बल्कि उन्हीं की नेशनल शूटर नाबालिग बेटी ने की है। आश्चर्य की बात ये है कि लड़की ने दोनों को गोली मारने के पहले शीशे पर 'डिस्क्वालीफाइड ह्यूमन' (Disqualified Human) लिखा था और बीचो-बीच एक गोली का निशान बना बनाया था।

शीशे पर लिखा था ‘डिस्क्वालीफाइड ह्यूमन'
यह पूरा मामला लखनऊ के हाई-सिक्योरिटी जोन गौतम पल्ली थाना क्षेत्र का है। यहां रेलवे कॉलोनी में इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। दोहरे हत्याकांड की इस सनसनीखेड वारदात के बाद पुलिस ने आरडी बाजपेई का बंगला खंगाला तो बाथरूम में एक अजीबोगरीब बात दिखी। वहां शीशे पर लाल रंग से लिखा था ‘डिसक्वालीफाइड ह्यूमन' और बीचो-बीच गोली का निशान था।

रेजर से किए थे दोनों हाथों पर 100 से अधिक वार
पुलिस जब आरोपी छात्रा से पूछताछ कर रही थी तो उसने अपने दोनों हाथ पैंट की जेब में डाल रखे थे। हाथों को दुपट्टे से ढक भी रखा था। ऐसा लगा जैसे वह कुछ छिपाने की कोशिश कर रही है। जिसके बाद पुलिस ने उसके हाथों से दुपट्टा हटवाया तो कोहनी तक पट्टी बंधी दिखी। हथेलियों पर भी कई ताजे कट लगे हुए थे। पट्टी खुलवाकर देखा तो 100 से अधिक कट के निशान देखकर सब हैरान रह गए। पूछने पर उसने बताया कि रेजर से यह चोटें उसने खुद लगाई हैं। यह सुनकर पुलिस का माथा ठनका और उससे एक ही सवाल तरीका बदल-बदलकर पूछा गया। हालांकि, पुलिस को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी और उसने मां और भाई को गोली मारने की बात कुबूल कर ली।

राष्ट्रीय स्तर की शूटर है आरोपी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि मां और भाई की हत्या की आरोपी राष्ट्रीय स्तर की शूटर है। वह 10 मीटर पिस्टल इवेंट में हिस्सा लेती थी। वर्ष 2014 में उसने पश्चिम बंगाल रायफल एसोसिएशन कोलकाता की तरफ से आयोजित 57वीं नेशनल शूटिंग चैम्पियनशिप कंपटीशन में हिस्सा लिया था। वह लोरेटो स्कूल में हाईस्कूल की छात्रा है। उसका भाई सर्वदत्त गोमीतनगर के संस्कृत विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई कर रहा था।

चार घंटे में पुलिस ने किया डबल मर्डर का खुलासा
लखनऊ पुलिस ने 4 घंटे में इस डबल मर्डर की गुत्थी को सुलझा लिया। पुलिस ने बताया कि पूरे घटनाक्रम में तीन गोलियां चली हैं। पहली गोली शीशे पर मारी गई। इसके अलावा दूसरी और तीसरी गोली मां और भाई को मारी गई। पुलिस का कहना है कि लड़की की मनोदशा ठीक नहीं थी। लड़की ने बाथरूम के शीशे पर Disqualified Human लिखा और उस पर पहली गोली मारी।












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