दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से कोर्ट ने किया इनकार
इलाहाबाद। बसपा सुप्रीमो के खिलाफ विवादित बयान देने वाले दयाशंकर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दयाशंकर की गैर जमानती वारंट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस अजय लांबा और आरएन मिश्रा ने इस पूरे मामले में यूपी सरकार से जवाब मांगा है।

मामले की अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी। दयाशंकर सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। आपको बता दें कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दयाशंकर सिहं ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, कोर्ट ने इस याचिका पर आज जुलाई को सुनवाई करते हुए जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। दयाशंकर के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज में एफआईआर दर्ज है।
गौरतलब है कि दयाशंकर सिंह ने बसपा सुप्रीमो मायावती की तुलना वेश्या से की थी जिसके बाद भाजपा ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासि कर दिया था। पार्टी से निष्कासित होने के बाद दयाशंकर सिंह ने अपने बयान पर मांफी तो मांगी थी लेकिन वह अभी भी अपनी इस बात पर कायम थे कि मायावती टिकटों का सौदा करती हैं।
वहीं दयाशंकर सिंह के बयान के खिलाफ बसपा नेता और समर्थक लखनऊ के हजरतगंज में सड़कों पर प्रदर्शन करने उतरे थे। इस दौरान बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी की अगुवाई में दयाशंकर सिंह के खिलाफ ना सिर्फ विवादित नारे लगाये गये बल्कि उनके परिवार को भी इसमें जमकर घसीटा गया।
बसपा नेताओं ने दयाशंकर सिंह की बेटी, पत्नी और बहन को पेश किये जाने की मांग की थी। यही नहीं दयाशंकर सिंह कुत्ते को फांसी दिये जाने के भी नारे लगाये गये थे। जिसके बाद दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह और उनकी मां ने मायावती और अन्य बसपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी थी।












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