ये हसीनाएं अश्लील बातें कर उतरवा देती थी 'शिकार' के कपड़े, फिर नकली वर्दीधारी आकर करते थे ब्लैकमेल
ये हसीनाएं अश्लील बातें कर उतरवा देती थी 'शिकार' के कपड़े, फिर नकली वर्दीधारी आकर करते थे ब्लैकमेल
Lucknow, Apr 13: खबर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से है। यहां हजरतगंज पुलिस ने हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो हसीनाओं समेत तीन वर्दीधारी युवकों को गिरफ्तार किया है। हजरतगंज पुलिस की गिरफ्त में आई ये हसीनाएं सोशल मीडिया साइट्स एवं अपने आस-पास के लोगों को चिन्हित कर उन्हें फोन पर मीठी-मीठी बातें कर अपने जाल में फंसाती थी। फिर पुलिस की वर्दीधारी तीन आरोपी लोगों को डरा धमका कर उनसे पैसे ऐंठते थे। बता दें कि पुलिस ने आरोपियों के पास से दरोगा व सिपाही की वर्दी, एयर पिस्तौल, कार, 6 मोबाइल और नकदी बरामद की है।

एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 12 अप्रैल को हजरतगंज पुलिस को एक व्यक्ति ने सूचना दी कि कुछ लोग मुझे हनी ट्रैप के जरिए ब्लैकमेल कर जबरदस्ती पैसे वसूल रहे हैं। जिससे मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। यदि मुझे इस विषम परिस्थिति से नहीं निकाला गया तो निश्चित रूप से मेरे जीवन का अन्त हो सकता है। शख्स ने बताया कि इस गिरोह में तीन पुलिसवाले भी शामिल है।
एडीसीपी मध्य ने बताया कि शख्स की सूचना के बाद अपराधियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस सेल और हजरतगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस की टीम इंडिया चौराहा पहुंची और पीड़ित शख्स की निशानदेही पर अजीजुल हसन सिद्दकी, पंकज गुप्ता, अतुल सक्सेना समेत दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। बताया कि गिरफ्तार तीन आरोपी पुलिस की वर्दी में थे।
ये हसीनाएं बातें कर उतरवा देती थी 'शिकार' के कपड़े, फिर...
एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि सोशल मीडिया साइट्स एवं अपने आस-पास के लोगों को चिन्हित कर उन्हें फोन पर मीठी-मीठी बातें कर अपने जाल में फंसाती थी। जब शिकार फंस जाता था तो वो उन्हें पूर्व निर्धारित स्थान पर बुलाती थी। जैसे ही शिकार उनके बताये स्थान पर पहुंचता तो दोनों महिलाएं अश्लील बातें कर उसके कपड़े उतरवा लेती है, जैसे ही व्यक्ति कपड़े उतारता है ठीक उसी समय तीन लोग पुलिस की वर्दी में आ जाते है और कपड़े उतारे हुए शख्स का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगते है।
बिल्डर, डॉक्टर व व्यापारी थे निशाने पर
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के निशाने पर बिल्डर, डॉक्टर और व्यापारी के अलावा निजी कंपनी में काम करने वाले अधिकारी भी शामिल थे। इन सभी से महिलाएं सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती करती थी। इसके बाद उनको अपने ठिकाने पर बुलाकर कपड़े उतरवाने के बाद वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करती थी। पुलिस के मुताबिक शुरूआती पड़ताल में सामने आया कि इस गिरोह ने करीब 9 लोगों से वसूली की है। यह गिरोह एक शिकार से एक से 2.5 लाख रुपये तक की वसूली करता था।
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मोबाइल में मिले कई वीडियो व फोटो
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से मिले 6 एंड्रायड मोबाइल में कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इसमें कई व्यक्तियों के नग्न व अश्लील वीडियो व तस्वीरें शामिल हैं। पुलिस ने मोबाइल में मिले वीडियो व फोटो को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। वहीं आरोपियों से पूछताछ कर मोबाइल में मिले कई संदिग्ध नंबरों के बारे में भी जानकारी हासिल कर रही है। कुछ नंबरों के कॉल डिटेल भी निकलवाये जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने अभी तक सिर्फ 10-12 लोगों से ठगी की बात कुबूल की है। यह संख्या अधिक हो सकती है।












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