Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Youtube से सीखा नकली नोट बनाना, सोशल मीडिया से किया सप्लाई, 'फर्जी' वेब सीरीज देख बन गए थे मास्टर

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने जाली नोट छापने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। पता चला है कि इस गिरोह के गुर्गे सोशल मीडिया के जरिये एक दूसरे से जुड़े थे। इन्होने यूट्यूब के जरिये नोट छापना सीखा। साथ ही 'फर्जी' वेब सिरीज से फेक करेंसी संबंधी तमाम बारीकियां भी इन्होने सखी हैं। कई राज्यों में इनका यह गोरख-धंदा चल रहा था।

यूट्यूब की मदद से छापे नकली नोट
बता दें कि पुलिस ने लखनऊ के विराजखंड स्थित होटल पार्क व्यू इन से नकली नोट छापने वाले गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में इन्होने बताया कि कुछ साल पहले इन्हे एक शख्स मिला था, जिसने व्हाट्सएप पर आरोपियों को एक पीडीएफ भेजा था। इसमें 500, 200 और 100 रुपये का प्रोफार्मा था। जिसके बाद यूट्यूब की मदद लेकर इन्होने इस प्रोफार्मा को कागज पर प्रिंट करना शुरू कर दिया।

gang busted in lucknow who Learned to make fake currency from Youtube by watching fake web series

वेब सीरीज देखकर बन गए नकली नोट के मास्टर
वहीं जाली नोट बनाने में बची कुछ कसर पूरी कर दी OTT पर रिलीज़ हुई शाहिद कपूर की 'फर्जी' वेब सीरीज ने, जहां से इन्होने इस धंदे से संबंधित बारीकियों को बखूबी समझ लिया। साथ ही गिरोह को ऑपरेट करने के लिए इन्होने सोशल मीडिया का सहारा लिया था। ये सभी इंस्टाग्राम पर फेक करेंसी नाम से कई अकाउंट चलाते हैं। उसी के जरिये एक-दूसरे के संपर्क में आते गए।

कई राज्यों में फैला गिरोह का नेटवर्क
इस तरीके से यह लोग पिछले चार साल में लाखों-करोड़ों के जाली नोट बाजार में खपा चुके हैं। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस गिरोह का नेटवर्क यूपी के अलावा राजस्थान, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी है। डीसीपी ने बताया कि नोट छापने का काम आरोपी रवि प्रकाश और उत्कर्ष द्विवेदी करते थे। मुख्य सप्लायर दिल्ली का विकास भारद्वाज था। अन्य दोनों आरोपी लोकल स्तर पर नोट की सप्लाई करते थे।

20 हजार में 1 लाख के नकली नोट
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल खंगाले तो कई और जानकारियां मिली। दरअसल, इनके व्हाट्सएप ग्रुप में अलग-अलग राज्यों के लोग जुड़े हुए हैं। तमाम एजेंट इन्हीं ग्रुपों में जाली नोट की मांग करते हैं। पैसे खाते में भेजते हैं, उसके एवज में जाली नोट आरोपी उनको पहुंचा देते हैं। बीस हजार में एक लाख रुपये के नकली नोट देते थे।

गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस के मुताबिक इन लोगों को नकली नोट का प्रोफार्मा पीडीएफ फॉर्मेट में देने वाला शख्स इस गिरोह का असल किरदार है। पुलिस ने उसके बारे में पूरी जानकारी जुटा ली है। अभी उसका नाम व अन्य जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक वह गिरोह से जुड़ा हुआ है। नोट सप्लाई में उसका भी हाथ है।

gang busted in lucknow who Learned to make fake currency from Youtube by watching fake web series

पुलिस को आरोपियों के पास से 500 के 640 नोट, 200 रुपये के तीन और 100 रुपये के दो जाली नोट बरामद हुए। प्रिंटर, लैपटॉप, लेमिनेशन मशीन, 200 रुपये के 23 पन्ने प्रिंटेड, 8 पेज 100 रुपये के व 41 पेज 500 रुपये के प्रिंटेड मिले। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो बनी मुहर, केमिकल की सीसी, आदि चीजें बरामद हुईं हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+