योगी सरकार के 4 साल: डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने गिनाई PWD की उपलब्धियां, पढ़ें क्या-क्या किए दावे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कार्यकाल के 4 साल 19 मार्च को पूरे हो रहे हैं। 2022 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। सभी पार्टियों ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं, योगी सरकार अपने 4 साल के काम के जरिए 2022 के चुनाव में जाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने विभागावार उपलब्धियां भी गिनवाना शुरू कर दिया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 4 साल का कार्यकाल पूरा होने पर अपने लोक निर्माण विभाग का लेखा-जोखा दिया है। साथ ही, विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा है कि सरकार ने विपक्षी दलों के नेताओं के क्षेत्र में जाने वाली सड़कें भी न सिर्फ बनवाई हैं, बल्कि टूटी हुई सड़कों की मरम्मत भी करवाई। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, जनता ने उनको नकार दिया है इसलिए इस तरह की बातें कर रहे हैं।

वित्तीय वर्ष 2020-21 के कामकाज का ब्योरा
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम गौरव पथ योजना की शुरुआत। राज्य से आईएएस/आईपीएस बनने वाली युवाओं के घर तक स्वामी विवेकानंद प्रेरणा मार्ग का ऐलान। सम्मानित/ प्रतिष्ठित और पुरस्कृत खिलाड़ियों के निवास स्थान तक मेजर ध्यानचंद अभिनव योजना की। शुरुआत 29 अगस्त 2020 को की गई। अब तक 19 खिलाड़ियों के सम्मान में 19 मार्गो का शिलान्यास। शहीद जवानों अर्धसैनिक बलों और पुलिसकर्मियों के लिए जय हिंद वीर पथ योजना के तहत अब तक 23 शहीद मार्ग स्वीकृत। 17 मार्गों की स्थिति अच्छी होने के कारण साइन बोर्ड बदला गया।
175 हबर्ल मार्ग स्वीकृत
सामाजिक सांस्कृतिक आध्यात्मिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए हर्बल मार्गों की योजना के तहत प्लास्टिक मार्ग योजना की शुरुआत की गई। हर जिले के 1-1 मार्ग का चयन करते हुए 175 हर्बल मार्गो को स्वीकृत किया है। प्रत्येक लोकसभा सीट में स्टेट हाईवे निर्माण के क्रम में सरकार गठन से अब तक 67 स्टेट हाईवे घोषित किए गए। ग्रामीण समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किसान भाइयों की कार्य पद्धति में बदलाव लाने के लिए जनगणना 2001 और 2011 में 250 से अधिक आबादी वाले संपर्क मार्ग को जोड़ने का कार्य।
रोल मॉडल बना यूपी का प्रहरी ऐप
यूपी लोक निर्माण विभाग में लागू हुआ 'प्रहरी ऐप' एक रोल मॉडल बन गया है। देश में केवल यूपी लोक निर्माण विभाग में सबसे पहले इस ऐप का उपयोग किया जा रहा है। इसके क्रियान्वयन से निविदा प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता आयी है। प्रहरी ऐप का नीति आयोग ने भी संज्ञान लिया है। चर्चाएं हैं कि क्यों न इसे देश के सभी प्रान्तों में लागू किया जाए। रोड सेफ्टी के लिए मार्गों पर साइन बोर्ड लगाने, रोड मार्किंग के लिए स्वीकृतियां देते हुए कार्यों की लगातार जोनवाइज समीक्षा की जा रही है। सड़कों की ऑनलाइन निगरानी के लिए निगरानी ऐप भी लांच किया गया। साथ ही टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर- 1800-121-5707 और व्हाट्सऐप नंबर 7991995566 जारी किया गया।
पहले से लंबित 89 सेतु बनवाए
अब तक 102 लंबे सेतुओं को पहुंच मार्ग सहित पूरा कर आवागमन के लिए उपलब्ध करवाया गया है, जिसमें से 89 सेतु ऐसे हैं, जो एक अप्रैल 2017 के पहले से लंबित थे। यूपी की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फैसला किया गया, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में लगभग 44,376 किमी मार्ग, 2019-2020 में 53,273 किमी मार्ग और 2020-21 में अब तक 56,799 किमी मार्गो को गड्ढ़ामुक्त किया जा चुका है।












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