यूपी के मंदिरों के नये भगवान डकैत, हत्यारे, अपहरणकर्ता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक कुख्यात डकैत, हत्यारों और अपरहरणकर्ताओं की मूर्ती को मंदिर में स्थापित करने का सिलसिला नहीं थम रहा है। डकैत ददुआ के बाद सुपारी किलर श्रीप्रकाश शुक्ला की मूर्ती को मंदिर में स्थापित करने का मामला सामने आया है।
एक ऐसा मंदिर जहां भगवान लेते हैं भक्तों से ब्याज

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कुख्यात डकैतों और हत्यारों की जाति को भुनाने की होड़ मच गयी है। पुलिस एनकाउंटर में मारे गये सुपारी किलर श्रीप्रकाश शुक्ला की मूर्ती फतेहपुर के बिंदकी तहसील के गांव कौह में परशुराम के मंदिर में की जाएगी।
यही नहीं डकैत निर्भय गुज्जर की भी मूर्ती लगाने की प्रदेश में तैयारी चल रही है। ऐसे में प्रदेश सरकार जिस तरह से इन मूर्तियों की स्थापना को रोकने के लिए बिल्कुल चुप्पी साधे बैठी है उससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि चुनाव से पहले सरकार किसी भी जाति के वोट बैंक को नाराज नहीं करना चाहती है।
श्रीप्रकाश शुक्ला दशकों तक उत्तर प्रदेश और बिहार में अपने अपराध के लिए कुख्यात हो गया था। अपहरण, हत्या, डकैती सहित कई आपराधिक मामले उसके नाम पर दर्ज हैं। 1998 में श्रीप्रकाश ने बिहार के मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
वहीं श्रीप्रकाश के इतर निर्भय गुज्जर की मूर्ती भी काली मंदिर में स्थापित की जाएगी। गुज्जर चंबल के सबसे कुख्यात डकैतों की लिस्ट में शामिल है। उसके उफर 250 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2008 में पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गयी थी। इससे पहले डकैत ददुआ का मंदिर फतेहपुर के कबरहा गांव में स्थापित किया जा चुका है। उसके उपर 200 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।












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