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Champat Rai VHP : जानिए कौन हैं चंपत राय जिन पर अंगुली उठाने वाले तीन पत्रकारों पर दर्ज हो गई FIR

लखनऊ, 21 जून: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और चंपत राय का नाम पिछले कई दिनों से सुर्खियों में है। चंपत राय के खिलाफ फेसबुक पोस्ट करने के मामले में सोमवार को यूपी में पुलिस ने पत्रकार विनीत नारायण और दो अन्य पर मामला दर्ज किया है। इसके बाद से चंपत राय एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। कई लोगों को चंपत राय के बारे में पता होगा, लेकिन ऐसे भी लोग हैं जो उनके बारे में जानना चाहते हैं। चंपत राय कौन हैं? वह क्यों चर्चा में हैं? इस सवाल का जवाब अभी भी कई लोग जानना चाहते हैं। ऐसे में हम आपको चंपत राय के बारे में बता रहे हैं।

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    कौन हैं चंपत राय?

    कौन हैं चंपत राय?

    चंपत राय बंसल उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना कस्बे के सरायमीर मोहल्ले के रहने वाले हैं। उनका जन्म 18 नवंबर 1946 को रामेश्वर प्रसाद बंसल और सावित्री देवी के परिवार में हुआ था। पिता रामेश्वर प्रसाद जीवन के शुरुआती दिनों से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य रहे। कुछ समय बाद चंपत राय भी संघ से प्रभावित हुए और संघ के पूर्णकालिक सदस्य बन गए। इसके बाद वह धामपुर के आरएसएम डिग्री कॉलेज में रसायन विज्ञान के प्रोफेसर बन गए। कहा जाता है कि 25 जून 1975 को जब देश में आपातकाल लगा तब चंपत राय आरएसएम कॉलेज, धामपुर में प्रवक्ता थे। इस दौरान पुलिस जब उन्हें गिरफ्तार करने कॉलेज पहुंची तो वह प्रिंसिपल के रूम में बुलाए गए। उस वक्त चंपत कॉलेज में विद्यार्थियों को पढ़ा रहे थे।

    आपातकाल के दौरान जेल में बिताए 18 महीने

    आपातकाल के दौरान जेल में बिताए 18 महीने

    कहा ये भी जाता है कि प्रिंसिपल के रूम में चंपत राय ने पुलिस से कहा कि वो घर से कपड़े लेकर कोतवाली पहुंच रहे हैं। उन्होंने ऐसा ही किया। वह कोतवाली पहुंचे थे, जहां उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जेल में लगभग 18 महीने रहने के बाद जब आपातकाल खत्म हुआ तो उनको रिहा किया गया। इसके बाद चंपत राय ने 1980-81 में अपना इस्तीफा सौंपा और संघ के प्रचारक बन गए। पहले देहरादून, सहारनपुर में प्रचारक रहे। वर्ष 1985 में मेरठ के विभाग प्रचारक रहे। 1986 में संघ के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें विश्व हिंदू परिषद में प्रांत संगठन मंत्री बनाकर भेज दिया।

    वर्ष 1991 में भेजा गया अयोध्या

    वर्ष 1991 में भेजा गया अयोध्या

    वर्ष 1991 में चंपत राय को क्षेत्रीय संगठन मंत्री बनाकर अयोध्या भेजा गया। इसके बाद 1996 में वो विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय मंत्री बनाए गए। 2002 में संयुक्त महामंत्री और फिर अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए। चंपत राय अविवाहित हैं और वह अपने घर भी कभी कभार ही जाते हैं।

    राम मंदिर आंदोलन में रहा अहम योगदान

    राम मंदिर आंदोलन में रहा अहम योगदान

    चंपत राय श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव हैं। राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए गए आंदोलन से लेकर राम मंदिर के निर्माण के अब तक के सफर में चंपत राय का अहम योगदान रहा है।

    अब क्यों हैं चर्चा में ?

    अब क्यों हैं चर्चा में ?

    राम मंदिर निर्माण के लिए बने ट्रस्ट ने एक जमीन खरीदी है। आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेताओं का आरोप है कि पहले यह जमीन 2 करोड़ रुपए में बेची गई। बाद में इसी जमीन को कुछ मिनट के ही अंतराल पर ट्रस्ट ने 18 करोड़ में खरीद लिया और पैसे का हेरफेर किया गया। ट्रस्ट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सर्किल रेट और बाजार मूल्यों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी तरीके से ही जमीन खरीदी गई है।

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