COVID-19: यूपी सरकार के मंत्री, BJP सांसद खुद खोल रहे योगी सरकार के दावों की पोल
लखनऊ, अप्रैल 27: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर सरकारी दावों में संक्रमित मरीजों की संख्या, अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन की स्थिति और जमीनी हकीकत को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। योगी सरकार लगातार दावा कर रही है कि प्रदेश में न तो बेड की कमी है, न ही ऑक्सीजन और न ही जरूरी दवाओं की कमी है। हालांकि, खुद पार्टी के नेता ही इन सरकारी दावों की पोल खोल रहे हैं। लखनऊ की मोहनलालगंज सीट से बीजेपी सांसद कौशल किशोर और यूपी श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष, राज्य मंत्री सुनील भराला ने लखनऊ और मेरठ के सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्थाओं को लेकर सीएम योगी को पत्र भी लिखा था।

बीजेपी सांसद और राज्य मंत्री ने सीएम योगी को लिखा पत्र
बीजेपी सांसद कौशल किशोर ने मुख्यमंत्री योगी को लिखे अपने पत्र में राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (केजीएमयू) और बलरामपुर अस्पताल में अधिकारियों की लापरवाही के बारे में शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बीच इन अस्पतालों में अधिकारी या तो छुट्टी पर हैं या तो कॉल नहीं उठाते। दोनों ही अस्पताल सरकार द्वारा संचालित हैं और दोनों ही अस्पतालों की हालत बुरी है। यूपी सरकार में राज्य मंत्री सुनील भराला ने मुख्यमंत्री को लिखे शिकायती पत्र में मेरठ में बेड, ऑक्सीजन और जीवन रक्षक दवाईयों की कमी के बारे में बताया। भराला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि कोरोना मरीजों की भलाई के लिए वह व्यक्तिगत रूप से इस मामले में हस्तक्षेप करें।
सीएम योगी ने कहा- ऑक्सीजन या दवा की भी कमी नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि प्रदेश में पिछले 3 दिनों में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के नए मामलों में गिरावट देखी गई है। इसके अलावा सीएम योगी ने यह भी कहा कि कोरोना मरीजों के लिए प्रदेश में न तो ऑक्सीजन की कोई कमी और न ही दवाओं की। राज्य में कोरोना संक्रमितों के लिए जीवन रक्षक दवाओं का अभाव नहीं है।












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