रोड शो के दौरान पत्थरबाजी करने वालों को लेकर निरहुआ ने डीएम से की ये गुजारिश
Lucknow News, लखनऊ। भाजपा प्रत्याशी और भोजपुरी फिल्म के सुपर स्टार दिनेशलाल यादव 'निरहुआ' ने अपने रोड शो के दौरान पत्थर फेंकने वालों को छोड़ने की जिला प्रशासन से गुजारिश की है। उन्होंने कहा कि वह लोग मेरे दुश्मन नहीं हैं। उन लोगों को बहकाया गया है। 'निरहुआ' ने कहा कि मुझे विश्वास है कि अगर मैं उनके सामने जाऊं तो पत्थर फेंकने वाले लोग मुझे गले लगा लेंगे।

निरहुआ के रोड शो पर किया पथराव
7 अप्रैल को दिनेशलाल यादव निरहुआ ने लोकसभा चुनाव में नामांकन करने से पहले रोड शो किया। निरहुआ को रोड शो के दौरान जनता के विरोध का सामना करना पड़ा। मेहनगर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीणों ने अखिलेश यादव जिंदाबाद और निरहुआ वापस जाओ के नारे लगाए। हालांकि पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद निरहुआ के काफिले को परमानपुर गांव से बाहर निकाला। इस मामले में पुलिस ने तीन नामजद व 53 अज्ञात के खिलाफ केस भी दर्ज किया था।

जिलाधिकारी से की गुजारिश
निरहुआ आजमगढ़ में गांव-गांव जा कर लोगों से मिल कर लोकसभा चुनाव 2019 के लिए अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं। आपको बता दें कि प्रचार के दौरान निरहुआ ने 7 अप्रैल को हुई पत्थरबाजों के लिए मीडिया के माध्यम से आजमगढ़ के जिलाधिकारी से खास गुजारिश की। उन्होंने कहा कि रोड शो के दौरान पत्थर फेंकने में पकड़े गए लोगों को छोड़ दें। वह सब मेरे भाई हैं, मेरे दुश्मन नहीं हैं। उन लोगों को बहकाया गया है। निरहुआ ने कहा कि मुझे विश्वास है कि अगर मैं उनके सामने जाऊं तो पत्थर फेंकने वाले लोग मुझे गले लगा लेंगे।
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मैं जनता की सेवा करने के लिए आया हूं: निरहुआ
उन्होंने कहा कि मैं यही गाजीपुर का रहने वाला हूं, कही बाहर का नहीं हूं। कहा कि ज्यादातर भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग मैंने आजमगढ़ में ही की है। मैं यहां पर जनता की सेवा करने के लिए आया हूं। निरहुआ ने कहा कि फैसला जनता को करना होगा कि वो अपने बच्चे को पत्थरबाज बनना है या सामर्थ्यवान। मुलायम सिंह का नाम लिए बिना 'निरहुआ' ने कहा कि ऐसे नेता को आजमगढ़ ने जीताया है जो जीतने के बाद अपना प्रमाण पत्र तक लेने नहीं आये। जनता का विकास क्या करेंगे। जनता उन्हें जवाब देगी।












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