ट्रेलर रिलीज के बाद विवादों में घिरी आयुष्मान की 'आर्टिकल 15', क्यों भड़का यूपी का ब्राह्मण समुदाय?
लखनऊ। आयुष्मान खुराना की फिल्म 'आर्टिकल 15' विवादों में घिरती नजर आ रही है। फिल्म बदायूं रेप केस पर आधारित है। उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण समुदाय ने फिल्म पर आपत्ति जताते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। युवा नेता और परशुराम सेना के सदस्य कौशल तिवारी का कहना है कि अगर फिल्म बदायूं की घटना पर आधारित है तो आरोपी को ब्राह्मण में बदलने की क्या जरूरत थी, जाहिर है कि इसका उद्देश्य ब्राह्मण समुदाय को बदनाम करना है।

बदायूं रेप केस पर आधारित है फिल्म
दरअसल, आयुष्मान खुराना की इस फिल्म की कहानी 2014 बदायूं रेप केस पर आधारित है। 27 बदायूं के कटरा सादतगंज गांव में दो दलित लड़कियों का गैंगरेप कर पेड़ से लटका दिया गया था। इस मामले में गांववालों ने पुलिस और तत्कालीन सपा सरकार के खिलाफ खूब विरोध प्रदर्शन किया। इस केस में कुल पांच लोगों को रेप और मर्डर के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इनमें से तीन गांव के लड़कों के साथ दो पुलिस कॉन्स्टेबल भी थे। प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर यूपी की अखिलेश सरकार की भी खूब फजीहत हुई थी। मामला सीबीआई को सौंपा गया। दिसंबर 2014 में ये सीबीआई ने इसे सुसाइड केस बताकर बंद कर दिया।

फिल्म को लेकर ब्राह्मण समुदाय में गुस्सा
30 मई को फिल्म को ट्रेलर जारी कर दिया गया है। 28 जून को फिल्म रिलीज होगी। इससे पहले ही फिल्म को लेकर यूपी में ब्राह्मणों समुदाय में गुस्सा है। ब्राह्मणों समुदाय का कहना है कि कहानी को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। आरोपी को ब्राह्मण समुदाय का दिखाकर ब्राह्मण समुदाय को बदनाम किया जा रहा है।

सम्मान के लिए लड़ाई लड़ेगा ब्राह्मण समुदाय
युवा नेता और परशुराम सेना के सदस्य कौशल तिवारी का कहना है कि अगर फिल्म बदायूं की घटना पर आधारित है तो आरोपी को ब्राह्मण में बदलने की क्या जरूरत थी, जाहिर है कि इसका उद्देश्य ब्राह्मण समुदाय को बदनाम करना है। कौशल ने कहा, अगर 'पद्मावत' की रिलीज पर रोक लगा सकते हैं तो ब्राह्मण अपने सम्मान के लिए लड़ाई क्यों नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने फिल्म के डॉयरेक्टर अनुभव सिन्हा से भी फोन पर बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने बात नहीं की।












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