VIDEO: भोले बाबा के इस मंदिर में बंदरों की होती है दारू पार्टी, चखने के साथ जमकर पीते हैं शराब
लखनऊ। शिव मंदिर में गंगाजल, दूध, शहद, धतूरा, भांग चढ़ते तो आपने देखा होगा। लेकिन उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक ऐसा मंदिर है जहां शिवलिंग पर शराब चढ़ाई जाती है। चढ़ाई गई शराब प्रसाद के तौर पर मंदिर में मौजूद बंदरों को पिलाया जाता है। हैरान करने वाली बात ये है कि मंदिर के बंदर बड़े चाव से प्लास्टिक की गिलास में शराब पीते हैं। तस्वीरों में दखें: बंदर भी करते हैं वेश्यावृत्ति, पैसे की जगह देते हैं खाने का सामान
जी हां यूपी के सीतापुर जिले से महज 70 किमी दूर स्थित अटवा कुरसठ गांव हैं। यहीं पर यह शिव मंदिर है। यह मंदिर चारों तरफ से खुला हुआ है। इसमें ना ही कोई दरवाजा है ना ही कोई खिड़की। चुकि मंदिर गांव से दूर जंगज में बना हुआ है इसलिए यहां कोई पुजारी नहीं बैठता। यहां आने वाले भक्त लंबी-लंबी गाडियों में आते हैं और शराब चढ़ाते हैं। भक्तों का दावा है कि यहां पूजा के बाद शिवजी उनकी मुराद जरूर पूरी करते हैं। तस्वीरों में देखें बंदर को कैसे मिली चोरी की सजा
इस मंदिर में आने वाले भक्त लाई, चना और शराब लेकर आते हैं। शराब को पानी के साथ मिक्स किया जाता है और फिर उसे शिवलिंग पर चढ़ा दिया जाता है। उसके बाद भक्त ही शराब को प्लास्टिक की गिलास में लेकर मंदिर के पास बने चबूतरे पर रख देते हैं जिसे वहां मौजूद बंदर जमकर पीते हैं। बंदरों को चना खाकर शराब पीते आसानी से देखा जा सकता है। तो आईए आपको तस्वीरों के माध्यम से पूरी कहनी बताते हैं।

मंदिर का इतिहास
यह मंदिर जिला हरदोई के ग्राम अटवा कुरसठ निवासी राजेश कुमार सिंह ने 1992 में बनवाया था। मंदिर अटवा गांव के प्रतिष्ठित व्यक्ति रहे रामगुलाम सिंह सूर्यवंशी की जन्मभूमि पर बना है। मंदिर के ऊपर उसे बनाने वाले कारीगर परागीलाल सिंह झबरा का भी नाम लिखा है।

खबीश बाबा का है मंदिर
खबीस बाबा भैरव बाबा का ही रूप माने जाते हैं। लोगों का कहना है कि यहां शराब चढ़ाने से मन्नतें पूरी होती हैं।

मान्यता बहुत पुरानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक शराब चढ़ाने की मान्यता काफी पुरानी है। यहां मंदिर में कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं है जिसके दर्शन के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।

बंदरों को लीवर हो गया है खराब
वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट सीतापुर और उसके आसपास के बंदरों के लीवर खराब होने से परेशान हैं। उन्होंने मंदिर पर बैन लगाने की मांग की है।
उज्जैन में भी है ऐसा एक मंदिर
मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी काल भैरव के मंदिर पर शराब चढ़ाने की मान्यता है।












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