यूपी: भ्रष्ट अफसरों पर अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई, 201 कर्मी जबरन रिटायर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भ्रष्ट व नाकारा अधिकारियों के खिलाफ योगी आदित्यनाथ ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पिछले दो साल के कार्यकाल के दौरान योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 201 कर्मियों को जबरन रिटायरमेंट दे दिया, जबकि 400 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को दंड दिया गया। दंड पाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रमोशन रोक दिया गया है।

मीडिया खबरों के अनुसार, सत्ता परिवर्तन के बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्ट-नाकारा अफसरों व कर्मचारियों को सिस्टम से बाहर करने के लिए 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग कर अनिवार्य सेवनिवृत्ति देने के निर्देश दिए थे। इसके तहर 31 मार्च 2017 तक 50 साल की उम्र पार कर चुके सरकारी कर्मियों को सेवानिवृत्ति देने के लिए विभन्न विभागों से स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया गया था। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार स्क्रीनिंग कमेटी की 31 मार्च 2017 से 19 मार्च 2018 के बीच की रिपोर्ट के आधार पर हुई है।

सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि योगी सरकार ने पिछले 2 सालों में भ्रष्टाचार के खिलाफ जो कार्रवाई की है वह देश में अब तक किसी भी प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदम से बहुत बड़ी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 200 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों को जबरन रिटायरमेंट दिया है। सौ से अधिक अधिकारी अभी भी सरकार के रडार पर हैं। श्रीकांत शर्मा ने कहा कि यह पहली सरकार होगी जिसने 600 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में कार्रवाई कर एक नजीर पेश की है।












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