लखीमपुर खीरी: केंद्रीय गृह मंत्री के करीबी ने 10-15 अज्ञात लोगों पर दर्ज कराई FIR, तेजिंदर सिंह विर्क पर भी शक
लखीमपुर खीरी: केंद्रीय गृह मंत्री के करीबी ने 10-15 अज्ञात लोगों पर दर्ज कराई FIR, तेजिंदर सिंह विर्क पर भी शक
लखनऊ, 05 अक्टूबर: लखीमपुर खीरी जिले में हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई है। इसमें चार किसान, तीन बीजेपी कार्यकर्ता और एक पत्रकार भी शामिल हैं। तो वहीं, अब आठ लोगों की मौत के मामले में एक क्रास एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के समर्थक और भाजपा नेता सुमित जायसवाल ने दर्ज कराई है। बता दें, सुमित जायसवाब ने 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ यह एफआईआर दर्ज कराई है।

यह एफआईआर हत्या, आपराधिक साजिश और बलवा सहित कई धाराओं में दर्ज कराई गई है। इससे पहले आशीष मिश्रा टेनी और अन्य 15 लोगों के खिलाफ लखीमपुर हिंसा मामले में पुलिस ने हत्या, गैरकानूनी सभा, हाई स्पीड में गाड़ी चलाने और हिंसा को भड़काने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। राज्य के एडिशनल मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि "गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है"।
उन्होंने कहा कि चूंकि प्राथमिकी की एक प्रति अभी तक उपलब्ध नहीं है, इसलिए उन धाराओं के बारे में जानकारी बाद में दी जाएगी, जिनके तहत केस दर्ज किया गया है। हालांकि अभी तक इस मामले में किसी की भी गिरफ़्तारी नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस घटना की जांच पड़ताल में जुटी है। दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, लखीमपुर हिंसा में मारे जाने वाले बीजेपी नेता शुभम मिश्रा के परिवार ने पुलिस को दी शिकायत में तेजिंदर सिंह विर्क का नाम लिया है। तेजिंदर सिंह विर्क को अखिलेश यादव किसान नेता बता रहे थे, लेकिन उनका संबंध समाजवादी पार्टी से बताया जा रहा है।
वहीं, दूसरी तरफ लखीमपुर में हुई घटना के लिए किसान अजय कुमार मिश्रा के बेटे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका आरोप है कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के लखीमपुर खीरी के बनवीर गांव जाने का विरोध कर रहे किसानों को आशीष मिश्रा की गाड़ी ने टक्कर मारी। इसके बाद इलाके में हिंसा भड़क उठी। इन दोनों घटनाओं में कल से लेकर अभी तक 8 लोगों की मौत हो गई है।
बेटे के खिलाफ मिला एक भी सबूत तो दे दूंगा इस्तीफा: अजय मिश्रा
केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने इंडिया टुडे टीवी से इस मामले को लेकर कहा है, 'लखीमपुर खीरी में जिस जगह पर घटना घटी, वहां पर मेरे बेटे की मौजूदगी का एक भी सबूत सामने आया तो मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा।' उन्होंने कहा कि इस घटना में उनके 3 लोगों मारे गए हैं, जिसमें बीजेपी के दो कार्यकर्ता और उनका एक ड्राइवर शामिल है। अजय मिश्रा का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले पर हमला किया था। इसी दौरान हमारे 3 लोगों की हत्या कर दी गई। अजय मिश्रा इस पूरे मामले में अपने बेटे की संलिप्तता के आरोपों को खारिज कर चुके हैं।












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