कोटा : दिसम्बर में हुई 77 बच्चों की मौत, CM गहलोत बोले-राजस्थान में सालभर 900 बच्चों की गई जान
कोटा। राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा के जेके लोन मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 48 घंटों के दौरान 10 बच्चों की मौत के मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचएल मीणा पर गाज गिरी है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया को कोटा जेके लोन अस्पताल भेजा था। गालरिया ने कोटा कलक्टर ओमप्रकाश कसेरा, जेके लोन अस्पताल अधीक्षक और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के साथ बैठक में पूरे मामले पर चर्चा करने के बाद जेके लोन अस्पताल अधीक्षक डॉ. एचएल मीणा को हटा दिया। उनकी जगह डॉ. सुरेश दुलारा को लगाया गया है।

जेके लोन अस्पताल कोटा में दिसम्बर 2019 में अब तक 77 बच्चों की मौत हो चुकी हैं। इनमें कई नवजात बच्चे भी शामिल थे, मगर मामला तब उजागर हुआ जब सोमवार व मंगलवार को महज 48 घंटे के दौरान ही 10 बच्चों की मौत हुई। फिर इस मामले की जयपुर से दिल्ली तक गूंज सुनाई दी। सियासत भी खूब शुरू हुई और ट्विटर वार भी हुआ।
इस साल नौ सौ बच्चों की मौत-गहलोत
इधर, सीएम अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एक भी बच्चे की मौत होना दुर्भाग्यपूर्ण है, मगर सबसे कम मौतें बीते छह साल में हुई हैं। वर्ष 2019 में 900 बच्चों की मौत हुई हैं। जबकि पहले यह आंकड़ा सालभर में 1500 तक भी पहुंचा है।
पूरे प्रदेश के अस्पतालों में तीन-चार मौतें रोजाना हो रही हैं। जयपुर में भी होती हैं। कोटा बच्चों की मौत के मामले की जांच करवाई गई है। कार्रवाई भी कर रहे हैं। साथ ही कोटा समेत पूरे प्रदेश सुधार की दिशा में भी प्रयास कर रहे हैं। पिछले कार्याकाल में भी हमने वार्ड ओपन थिएटर को अपग्रेड करने का काम किया था।
बाल आयोग संरक्षण आयोग ने मांगी रिपोर्ट
यूडीएच मंत्री शाति धारीवाल ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि बच्चों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जेके लॉन अस्पताल में दिसंबर महीने में 77 बच्चों की मौत हो चुकी है. इनमें पिछले दिनों 10 बच्चों की मौत महज 48 घंटों (23 और 24 दिसंबर) में हो गई थी। राज्य बाल आयोग संरक्षण आयोग ने भी इसे गंभीर माना है। आयोग ने इस मामले में जिला कलक्टर को जांच करवाकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।












Click it and Unblock the Notifications