कोटा केमिकल फैक्ट्री में आग : 25 दमकलों के 200 कर्मचारी जुटे आग बुझाने में, 20 करोड़ का नुकसान
कोटा, 25 दिसम्बर। राजस्थान की शिक्षानगरी कोटा स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग गई। शुक्रवार सुबह साढ़े सात बजे लगी आग इतना विकराल रूप ले चुकी थी कि 25 दमकलों के 200 कर्मचारी बुझाने में जुटे, मगर तब तक करीब 20 करोड़ के नुकसान का अनुमान है।
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स्टीयरेट निर्माता कंपनी निम्बासिया स्टेपलाइजर्स फैक्ट्री में लगी आग बुझाने के दौरान विद्युत निगम की भी बड़ी लापरवाही सामने आई। सुबह 7.20 बजे अग्निशमन विभाग को सूचना मिली। अगले 10 मिनट में दमकलें पहुंच गईं थी। आग पर पानी डालना शुरू करते ही दमकलकर्मियों को करंट के हल्के झटके महसूस हुए।
बिजली कंपनी को सूचना दी गई, लेकिन बिजली बंद करने में ही लगभग 2 घंटे लग गए। इसके बाद आग बुझाने का काम शुरू हो सका। फैक्ट्री में फायर एनओसी नहीं है। फायर फाइटिंग सिस्टम भी बेकार पड़ा है।
फायर अधिकारी देवेन्द्र गौतम ने बताया कि कोटा जिला कलेक्टर उज्जवल राठौड़ के जरिए बिजली कंपनी को सूचना दी गई थी। देरी की वजह से आग फैक्ट्री के अंदरूनी हिस्सों में फैल गई और भीषण रूप ले लिया।
वहीं, गैस लाइन स्थापित करने वाली कंपनी ने भी गैस की सप्लाई बंद नहीं की। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी और राजेन्द्र सांखला ने विज्ञान नगर पुलिस को एक रिपोर्ट दी है।
आग इतनी भीषण थी कि करीब 4 किलोमीटर दूर से लपटें नजर आ रही थीं। यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने जयपुर से मोर्चा संभाला। जिला कलेक्टर और एसपी भी मौके पर पहुंचे।
कोटा पुलिस ने करीब 1 किमी की दायरे में सभी फैक्ट्रियां और हॉस्टल खाली करा दिए और रास्ते सील कर दिए। दमकलों ने दोपहर 3 बजे यानी 8 घंटे में आग पर काबू पाया।
यह फैक्ट्री एसएसआई के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल के भतीजे प्रमोद मित्तल की है। मित्तल के अनुसार प्राथमिक तौर पर कंपनी को लगभग 20 करोड़ का नुकसान हुआ है।












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